Workers who worked hard to form government, now it's time to honor them: Pilot
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राजस्थान

जिन कार्यकर्ताओं ने सरकार बनाने में मेहनत की, अब उन्हें सम्मान देने का समय : पायलट

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जयपुर, 14 जनवरी (हि. स.)। मकर संक्रांति के अवसर पर पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार के दो साल अब पूरे हो गए हैं। ऐसे में जिन कार्यकर्ताओं ने सरकार बनाने में मेहनत की, अब उन्हें सम्मान देने का समय आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री पायलट गुरुवार दोपहर कांग्रेस के पूर्व सचिव राजेश चौधरी के निवास पर पतंगबाजी में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ विधायक मुरारी लाल मीणा और मध्यप्रदेश के सह प्रभारी कुलदीप इंदौरा भी मौजूद रहे। पायलट ने कहा कि उनकी बुधवार को संगठन महामंत्री वेणुगोपाल से प्रदेश के संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई है और राजस्थान के सियासी मसलों के लिए जो कमेटी बनाई गई है, उसके निर्णय को जल्द ही प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक छोटी और संतुलित टीम राजस्थान कांग्रेस की बन गई है, लेकिन जिस तरीके से राजस्थान में विपक्ष में जब कांग्रेस के केवल 21 विधायक रह गए थे, उस समय कार्यकर्ताओं ने मेहनत की और सरकार बनाने में अपना योगदान दिया, ऐसे में अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनवरी महीने में राजनीतिक नियुक्तियां करने की बात प्रभारी कह चुके हैं। ऐसे में संभव है कि जल्द ही कार्यकर्ताओं को उनका सम्मान मिले। राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर पायलट ने कहा कि न केवल उनकी, बल्कि पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की यह सोच है कि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बनें। उन्होंने कहा कि जल्द ही कांग्रेस कार्य समिति चुनाव की घोषणा करेगी। पायलट ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से केन्द्रीय कृषि कानूनों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इन बिलों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसानों की प्रतिक्रिया स्वभाविक है, क्योंकि जिस तरीके से कमेटी में शामिल सदस्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं, कई सवाल उठना स्वाभाविक है। पायलट ने कहा कि देश में कांग्रेस इकलौती पार्टी हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए सरकार का मुकाबला कर सकती है। पायलट ने कहा कि देश में इन दिनों व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है कि कहीं उनका डाटा गलत हाथों में तो नहीं चला जाएगा। यह मुद्दा एक स्वभाविक मुद्दा है, क्योंकि प्राइवेसी को लेकर न केवल हिंदुस्तान में बल्कि दुनियाभर में सवाल उठ रहे हैं। व्हाट्सएप जैसी इतनी बड़ी कंपनी जिस पर पूरी दुनिया के लोगों को भरोसा है, अगर वह पारदर्शी तरीके से सवालों का जवाब नहीं देती है, तो सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा कि प्राइवेसी बहुत महत्वपूर्ण है और सिक्योरिटी का मुद्दा है, यह न केवल प्राइवेसी बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा है। व्हाट्सएप जैसे ग्रुप को सरल भाषा में अपना स्टैंड क्लियर करना चाहिए कि वह आने वाले समय में किस तरीके की नीति अपनाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप-hindusthansamachar.in