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राजस्थान

विधानसभा में गूंजा विधायकों की सुरक्षा का मुद्दा, जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश में कौन सुरक्षित रहेगा : राठौड़

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जयपुर, 13 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विधायकों की सुरक्षा का मुद्दा भी गूंजा। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने विधायकों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। राठौड़ ने कहा कि अपने विधायकों को जेड प्लस सुरक्षा देने वाली सरकार दूसरे जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा की भी जिमेदारी संभाले। उन्होंने पिछले दिनों मुण्डावर विधायक मंजीत धर्मपाल चौधरी, अलवर विधायक संजय शर्मा और हिण्डौन विधायक भरोसीलाल जाटव के साथ हुई घटनाओं का मुद्दा उठाया। राठौड़ ने कहा कि आधी रात को विधायकों की गाड़ी में तोडफ़ोड़ की जाती है। हालात ऐसे हैं कि पार्षद से लेकर सांसद तक कोई भी सुरक्षित नहीं है। स्थगन प्रस्ताव के जरिये राठौड़ ने सदन को बताया कि सर्किट हाउस में ठहरे विधायक संजय शर्मा की गाड़ी में आधी रात तोडफ़ोड़ की गई। विधायक संजय शर्मा ने सदन में बताया कि सर्किट हाउस में उनके साथ ही कई अन्य विधायक और प्रमुख अधिकारी भी ठहरे हुए थे, लेकिन उनकी गाड़ी में कोई नुकसान नहीं हुआ। शर्मा ने कहा कि सिर्फ उनकी ही गाड़ी पर हमला होना कई तरह के सवाल खड़े करता है। उन्होंने किशनगढ़बास पालिका के चेयरमैन के पुत्रों पर जानलेवा हमले का भी जिक्र किया। राठौड़ ने सदन में कहा कि अलवर के मुण्डावर से विधायक मंजीत धर्मपाल चौधरी से पिछले दिनों टाइगर गैंग के गुर्गे ने 20 लाख की फिरौती मांगी है। राठौड़ ने कहा कि पपला गुर्जर की तरह ही टाइगर गैंग का गुर्गा भी पिछले दिनों फरार हो गया और उसके बाद विधायक मंजीत चौधरी के घर की रैकी की गई। 26 जनवरी को रैकी के दौरान विधायक के घर की फोटो खींचे जाने की जानकारी मिलने के बाद विधायक ने डीजीपी को फोन भी किया और मामले की जानकारी दी। राठौड़ ने सादुलपुर विधायक कृष्णा पूनिया को जेड सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चूरू जिले में तैनात इंस्पेक्टर विष्णु विश्नोई तो फांसी लगाकर अपनी जान दे गया और उसके बाद विधायक को सुरक्षा दी जाए तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सरकार को सदन के दूसरे सदस्यों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश में कौन सुरक्षित रहेगा। राजेन्द्र राठौड़ ने दूसरे जनप्रतिनिधियों पर हमले का मामला भी उठाया। उन्होंने बिना नाम लिये पिछले दिनों केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी की गाड़ी पर हुए हमले का जिक्र भी किया। एनडीए का दामन छोडऩे वाले आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर हमले का जिक्र भी राठौड़ ने किया। अलवर के बहरोड़ और तारानगर में पार्षद प्रत्याशियों पर हमले की बात भी सदन में उठाई। उन्होंने कहा कि हिण्डौन विधायक पर फायरिंग हुई जिसमें विधायक बाल-बाल बच गए। राहुल गांधी के रिश्तेदार काटजू परिवार के सचिवालय के पास स्थित घर पर चोरी होने का मामला भी शून्यकाल के दौरान उठा। उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने विधायकों की सुरक्षा का मामला उठाते हुए इस मुद्दे का भी जिक्र किया। राठौड़ ने कहा कि ननी काटजू और नरेश काटजू के घर चोरी हुई। राहुल जी की मौसी के घर चोरी हो जाए और आज तक कार्रवाई नहीं हुई। राठौड़ ने मजाकिया लहजे में चुटकी ली कि मैं राहुल जी से आपकी शिकायत करुंगा, उनके रिश्तेदार के घर दो बार चोरी हो गई और अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब राहुल गांधी के रिश्तेदार का यह हाल है तो बाकी जनता का क्या होगा। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in