हमारे विचारों को मापने का प्रभावी टूल है- ‘योगी मीटर’

हमारे विचारों को मापने का प्रभावी टूल है- ‘योगी मीटर’
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नेशनल वेबिनार: माइंड की सेल्फ स्केनिंग कर हम लाइफ पैटर्न को सुधार सकते हैं कोटा, 20 जून (हि.स.)। रक्त की एक बूंद से हम शारीरिक बीमारियों की जांच करवा लेते हैं, इसी तरह माइंड में इस समय क्या चल रहा है, इसे मापने वाली डिवाइस है-‘योगी मीटर’। यह ऐसा ऑनलाइन सेल्फ इम्प्रूवमेंट टूल है जो एल्गोरिदम से विचारों का सटीक विश्लेषण कर हमें आगे बढ़ने की राह दिखाता है। रविवार को नेशनल वेबिनार में मुख्य वक्ता ‘सी-कर’ स्टार्टअप की को-फाउंडर श्रीमती शिवानी मोदी ने कहा कि देश में 40 वर्ष पहले तक एडवांस फिटनेस जांचें नहीं थी, आज सभी बीमारियों के मेडिकल परीक्षण संभव हैं। दूसरी ओर, माइंड में चल रहे विचारों से हम बिल्कुल अनजान होते हैं। जिंदगी में अच्छा-बुरा, सुख-दुख या चुनौतियां सब कुछ माइंड से कंट्रोल ही होते हैं। माइंड ऐसा बेसिक टूल है जिसके सहारे हम स्कूल से डिग्री तक लर्निंग से लीडर बन जाते हैं। इसलिये माइंड की एक्सीलेंस को पहचान कर सही दिशा में आगे बढें। आत्मबल से अपने इरादों पर टिके रहें नेशनल मोटिवेटर शिवानी मोदी ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी में हमने बहुत कुछ खोया है। सोशल मीडिया के जरिये नकारात्मक सूचनाओं से इंटरनल प्रेशर बढ़ रहा है। ‘योगी मीटर’ हमें चुनौतियों का सामना करने की मजबूत शक्ति देता है। जब हम बाहर से अच्छाई को अंदर ले जाते हैं तो हमारा आत्मबल कई गुना बढ जाता है। कोरोना महामारी एक तूफान की तरह है। हम पॉजिटिव होकर आत्मबल के साथ अपने इरादों पर टिके रहें। उन्होंने कहा कि योग सूत्र, उपनिषद एवं भगवत गीता के गहन अध्ययन पर आधारित ‘योगी मीटर’ हमारी मेंटल, फिजिकल, इमोशनल, सोशल, फायनेंशियल एवं इंटेलेक्चुअल हैल्थ के बारे में एल्गोरिदम रिपोर्ट देता है। सही निर्णय लेने की क्षमता योगाचार्य कौशल कुमार ने ‘योगी मीटर’ में योग सूत्र की अवधारणा से नॉलेज बैंक तैयार किया है, जो माइंड को पॉजिटिव दिशा की ओर ले जाता है। इसमें च्वाइस मेकिंग माइंड का विश्लेषण कर फ्रेश माइंडसेट के अनुसार, सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जाती है। इन मापदंडों पर होती है जांच ‘सी-कर’ के माइंड मास्टर कोच जितेंद्र जैन ने बताया कि ‘योगी मीटर’ में मेंटल वेलनेस, माइंड मास्टरिंग स्केल, रिलेशनशिप, समृद्धि, स्ट्रेस एवं इमोशन, इंटेलीजेंस एवं प्रभाव जैसे मापंदडों से विचारों का विश्लेषण कर वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार होती है, जिससे व्यक्ति समझ पाता है कि वह किस दिशा में आगे बढ़ सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद/संदीप

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