tea-re-heated-and-compromised-relationship-never-gets-the-same-sweetness-vishwendra-singh
tea-re-heated-and-compromised-relationship-never-gets-the-same-sweetness-vishwendra-singh
राजस्थान

दोबारा गर्म हुई चाय और समझौता किए रिश्ते में पहले जैसी मिठास कभी नहीं आती : विश्वेन्द्र सिंह

news

जयपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघलाने के लिए हो रही कोशिशों में आशातीत सफलता नहीं मिल रही है। दोनों खेमों में सियासी लड़ाई के बाद शुरू हुई सुलह की कोशिशों के बीच पायलट खेमे के विधायक विश्वेन्द्र सिंह की ओर से मंगलवार को एक ट्वीट को री-ट्वीट करने के बाद सियासी चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। सिंह ने एक यूजर्स की ओर से किए गए ट्वीट ‘दोबारा गर्म हुई चाय और समझौता किए रिश्ते में पहले जैसी मिठास कभी नहीं आती’ को री-ट्वीट कर संकेत दे दिए है कि सुलह भले ही हो जाएं, लेकिन रिश्ते पहले जैसे होना मुमकिन नहीं होगा। लंबी सियासी गुटबाजी के बाद माना जा रहा था कि सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट खेमे में सुलह की कोशिशें हो सकती हैं। इसी कड़ी में मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की हुई एसएलपी वापस लेने के लिए अपने वकील को पत्र भी लिखा है। रविवार को दिल्ली में जोशी ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी अजय माकन से मुलाकात की और उसके बाद एसएलपी वापस लेने की कवायद शुरू की। इसे प्रदेश कांग्रेस में सुलह की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र सिंह द्वारा एक ट्वीट को किए गए री-ट्वीट ने कयासों को ज्यादा हवा दे दी है। सिंह ने अपने इस रीट्वीट के जरिये संकेत दिए हैं कि सुलह की कोशिशें भले ही की जा रही हों लेकिन स्थितियां पहले जैसी होना आसान नहीं है। पायलट खेमे के विधायक एवं पूर्व मंत्री सिंह ने जिस ट्वीट को रीट्वीट किया है, उसमें लिखा गया है कि दोबारा गर्म की हुई चाय और समझौता किया हुआ रिश्ता, दोनों में पहले जैसी मिठास कभी नहीं आती। इस ट्वीट के मायने आसानी से समझे जा सकते हैं कि भले ही दूरियां पाटने का दिखावा हो लेकिन रिश्ते पहले जैसे नहीं हो सकते है। यानि रिश्तों की डोरी जुड़ी भी तो उसमें गांठ हमेशा बनी रहेगी। पिछले साल प्रदेश में बड़ा सियासी संकट खड़ा हुआ था और दोनों खेमों की ओर एक-दूसरे के खिलाफ जमकर जहर उगला गया था। सियासी संकट भले ही तब टल गया, लेकिन दोनों खेमों में तलवारें अब तक खिंची हुई है। अब आलाकमान के निर्देश के बाद सुलह की कोशिशें शुरू की गई है। पायलट खेमे के विधायक विश्वेन्द्र सिंह अपनी बयानबाजी और ट्वीट्स को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं। सियासी संग्राम के दौरान भी सिंह ने तंज कसने वाले कई ट्वीट किए थे। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर

AD
AD