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राजस्थान

जल जीवन मिशन की योजनाओं में सांसदों की अनदेखी नहीं कर सकेंगी राज्य सरकारें: शेखावत

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जोधपुर,11 फरवरी (हि.स.)। जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट या गांव में नल कनेक्शन संबंधित प्राथमिकता तय करने, प्रोजेक्ट में सांसदों की तरफ से दिए गए सुझाव को शामिल करने से लेकर भूमि पूजन या उद्घाटन में राज्य सरकार सांसदों की अनदेखी नहीं कर सकेगी। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने प्रोटोकॉल के तहत जिला स्तर की योजनाओं की समिति की बैठक से लेकर अन्य स्तर पर सांसदों को तवज्जो देने वाली अधिसूचना जारी कर राज्य के मुख्य सचिवों को भेजी है। जोधपुर के सांसद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने गुरुवार को संसद में महाराष्ट्र के नन्दूरबार से सांसद डॉक्टर हीना वी. गवित के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अधसिूचना में कहा गया है कि जिला स्तरीय योजना बनाते समय सांसदों से आवश्यक रूप से सहमत ली जाए। जब जिला स्तर योजना बनकर तैयार हो तो उसकी कॉपी सांसदों को भेजी जाए। 15 दिन में सांसद जो सुझाव देते हैं, उसे शामिल करें। अगर सुझाव को शामिल नहीं करते हैं तो फाइल में ये दर्ज करेंगे कि आखिर दिक्कत क्या है और सांसद के सुझाव को जिला स्तर की योजना में शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है? किसी भी स्कीम शुभांरभ सांसदों की उपस्थिति में होगा: केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन की किसी भी स्कीम का भूमि पूजन या शुभारंभ सांसदों की उपस्थिति में ही होगा। उन्हें प्रोटोकॉल के तहत बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई सांसदों ने जानकारी दी थी कि राज्य सरकार कार्यक्रमों की जानकारी नहीं देती। अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिला की समिति दिशा की बैठकों में भी सांसद समीक्षा कर सकेंगे। सांसदों का पूरी भागीदारी उसमें रहे, इसकी व्यवस्था की गई है। शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन में गांवों में उपयोग के बाद बचने वाले पानी के शोधन की प्रणाली विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जल राज्य का विषय: एक अन्य सवाल के जवाब में शेखावत ने कहा कि जल राज्य का विषय है, जिसमें योजना को लागू करना भी राज्य का काम है। मैंने 18 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बात करके जल जीवन मिशन योजना वर्ष 2024 तक पूरी हो, इस पर चर्चा की है। निश्चित रूप से जो कार्यक्रम हमने लिया है, उसे तय समय से पहले पूरा करेंगे। ऐसे जिलों को प्राथमिकता देना अपने दिशा-निर्देशों में लिखा है कि पहाड़ी, रेगिस्तानी या दुर्गम क्षेत्रों में मजबूती से काम करें। अब नई अधिसूचना से सांसद इसमें जुड़ेंगे तो गति और बढ़ेगी। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि 2.86 लाख करोड़ रुपए का बजट प्रावपधान जल जीवन मिशन शहरी में किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं दो साल में तो नहीं कहूंगा, लेकिन ये कहूंगा कि जहां ज्यादा चुनौती है, वहां प्राथमिकता दी जाए। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश / ईश्वर-hindusthansamachar.in