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राजस्थान

सांसद के नेतृत्व में पुलिस थाने के बाहर पुजारी का शव रखकर प्रदर्शन

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दौसा, 04 अप्रैल (हि.स.)। जिले के महुवा उपखण्ड के टीकरी गांव में मंदिर माफी की बेशकीमती भूमि की षडय़ंत्र पूर्वक रजिस्ट्री कराने का मामला उस समय तूल पकड़ गया जब गत शुक्रवार को पुजारी शंभू शर्मा की जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुजारी की मौत की सूचना मिलते ही शनिवार शाम को राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा टीकरी गांव पहुंच गए और मृतक पुजारी के शव को लेकर सैकड़ों लोगों के साथ महुवा थाने पहुंच गए। पुजारी की मौत की खबर सुनते ही ब्राह्मण समाज के लोगों में भी आक्रोश व्याप्त हो गया। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में राज्यसभा सांसद व सर्व समाज के लोगों ने पुजारी शंभू शर्मा मामले में पूर्व में दर्ज मुकदमे, सब रजिस्टार, मामले में नामजद लोगों व अन्य के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की मांग की। प्रशासन द्वारा मांगें नहीं मनाने पर सांसद लोगों के साथ पुलिस थाने के बाहर शव के साथ धरने पर बैठ गए हैं। जहां दूसरे दिन रविवार को सांसद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग धरनास्थल पर मौजूद रहे। धरने पर बैठे राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि पुजारी मूक बधिर था, षड्यंत्र के तहत नामजद लोगों ने पुजारी को तहसील ले जाकर उसकी बेशकीमती भूमि की जबरन रजिस्ट्री करवा ली। पुजारी की मौत मामले में मांगे पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ अन्याय, भ्रष्टाचार दमन व शोषण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्षेत्र में भू-माफिया सक्रिय है। बाद में सांसद के नेतृत्व में ब्राह्मण समाज ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। राजेंद्र मीणा ने बताया कि टीकरी जाफरान महवा निवासी शम्भू शर्मा की बेशकीमती जमीन को भू-माफियाओं ने षडयंत्र रचकर कोडिय़ों के भाव खरीद लिया जबकि वह पूरी तरह से मूकबधिर एवं निरक्षर था। इस करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री में प्रभावशाली लोगों के साथ-साथ सब रजिस्ट्रार तहसीलदार मिल गया। जबकि मूक बधिर होने के कारण उसका फिटनेस सर्टीफिकेट आवश्यक था। लेकिन रजिस्ट्री से पूर्व उसका मेडिकल नहीं कराया गया। मेडिकल सर्टीफिकेट के बाद प्रकरण सिविल मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत होना था। सिविल मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही रजिस्ट्री संभव थी किन्तु वह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई ना ही रजिस्ट्री पर रजिस्ट्रार ने मूक बधिर होने का नोट नही डाला गया। क्रेता की ही इस रजिस्ट्री में गवाही है। उन्होंने सब रजिस्ट्रार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने, षडयंत्रकर्ताओ सहित अन्य सभी को गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं परिजनो का आरोप है कि मृतक पुजारी शंभू शर्मा जो पहले से बीमार चल रहा था। भूमि की रजिस्ट्री होने के बाद और ज्यादा तबीयत बिगडऩे पर उसे 29 मार्च को महवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे 30 मार्च को गंभीर अवस्था में जयपुर रेफर किया गया था, जहां शुक्रवार को जयपुर एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की उच्च स्तरीय जांच समेत कई मांगों को लेकर रविवार को भी धरना जारी रहा। जहां कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा भी मौके पर पहुंची तथा मामले की जानकारी ली। शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों व धरने पर बैठे लोगों के बीच वार्ता जारी थी लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल पाया। धरने पर बैठे सांसद सर्व समाज के लोगों ने चेताया कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा। इधर, महुवा विधायक ओमप्रकाश हुडला ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मृतक पुजारी शंभू शर्मा को न्याय दिलाने की मांग की है। हिन्दुस्थान समाचार / राघवेन्द्र / ईश्वर