जयपुर में महापौर एवं पार्षदों के निलंबन की कार्रवाई का विरोध अलवर में भी, भाजपा ने जिलेभर में किया प्रदर्शन

जयपुर में महापौर एवं पार्षदों के निलंबन की कार्रवाई का विरोध अलवर में भी, भाजपा ने जिलेभर में किया प्रदर्शन
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अलवर, 08 जून (हि.स.)। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर जयपुर में महापौर एवं पार्षदों के निलंबन की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संजय नरुका के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन स्थल पर ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काला मास्क, काली पट्टी जो हाथ व सर पर बांधी हुई थी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि एक तरफ जहां केंद्र सरकार लगातार कोविड-19 महामारी की लड़ाई से लड़ते हुए जनहित के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर सौम्या गुर्जर, दो चेयरमैन व एक पार्षद को बिना किसी कारण के निलंबित किया जाना पूर्ण रूप से अवैधानिक व लोकतंत्र की हत्या है। इसके विरोध में शहर सहित जिलेभर में भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। मुख्य प्रदर्शन अलवर जिला मुख्यालय पर जिला संगठन द्वारा कलेक्ट्रेट गेट पर एवं शहर के चारों मण्डलों द्वारा विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रमोद विजय, अशोक गुप्ता, महामंत्री पवन जैन, जिलामंत्री दीपक पंडित, जितेंद्र राठौड़, कृष्णा खंडेलवाल, घनश्याम गुर्जर, दिनेश भार्गव, पंडित जलेसिंह, सुनीता सैनी, सतीश यादव, सीताराम किराड़, धर्मेंद्र मीणा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। शहर विधायक संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप लगाया कि जयपुर में यह कार्रवाई सरकार ने बदले की भावना से की जबकि अलवर में भाजपा का बहुमत होने के बावजूद भी है अलोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस का बोर्ड बना। इसके बाद सभापति द्वारा आयुक्त को थप्पड़ मारा गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया। जिसकी एफआईआर भी थाने में दर्ज हुई। इस घटना का भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध किया लेकिन सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। हिन्दुस्थान समाचार/मनीष/संदीप