Professors pledge funds surrender
Professors pledge funds surrender
राजस्थान

प्राध्यापकों ने लिया निधि समर्पण का संकल्प

news

-श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण अभियान उदयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से पूरे देश में 15 जनवरी से शुरू होने जा रहे निधि समर्पण अभियान की तैयारियां जोरों पर हैं। नगर-गांव-मोहल्लों में रामभक्त निधि समर्पण के लिए संकल्पित हो रहे हैं, साथ ही अपने आसपास रहने वालों से भी निधि समर्पण की अलख जगाने का भी संकल्प ले रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण समिति उदयपुर के महानगर प्रमुख अशोक प्रजापत ने बताया कि घर-घर निधि समर्पण की अलख जगाने के अभियान की तैयारियों के तहत उदयपुर में बीएन काॅलेज के सामने विश्व हिन्दू परिषद परिसर स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय में शहर के शिक्षाविदों, प्राध्यापकों, व्याख्याता वर्ग की बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचारक प्रमुख श्रीवर्द्धन ने आह्वान किया कि हर रामभक्त स्वयं भी निधि समर्पण का संकल्प ले और अपने आसपास रहने वाले परिवारों से भी भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाने में सहयोग समर्पण करने का आग्रह करें। इस मौके पर बैठक में मौजूद कला, वाणिज्य, विज्ञान विषयों के प्रोफेसर, व्याख्याता आदि ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में बढ़-चढ़ कर सहयोग समर्पण करने का संकल्प लिया। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक हेमेंद्र श्रीमाली भी उपस्थित थे। बैठक में बालूदान बारहठ ने भगवान श्रीराम के अयोध्या में बनने जा रहे मंदिर की रूपरेखा प्रस्तुत की। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण समिति उदयपुर के महानगर सह प्रमुख गोपाल सोनी ने बताया कि 15 जनवरी को संत-महंतों के आशीर्वाद से यह अभियान शुरू होगा। 30 जनवरी तक चलने वाले पहले चरण में प्रभात फेरियां, कलश यात्रा, वाहन रैली, मंदिर-स्थानकों पर हनुमान चालीसा के पाठ आदि आयोजन होंगे। साथ ही 20 से 27 फरवरी तक निधि समर्पण की अलख जगाने घर-घर पत्रक वितरित किए जाएंगे। अभियान का दूसरा चरण 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा जिसमें रामभक्त घर-घर पहुंचकर 10 रुपये, 100 रुपये व 1000 रुपये के कूपन लेकर पहुंचेंगे। जिस परिवार की जैसी श्रद्धा होगी, वे वैसा समर्पण सहयोग कर सकेंगे। दो हजार से अधिक की राशि पर 80-जी की छूट रहेगी। साथ ही, नकद समर्पण 20 हजार रुपये तक का ही प्राप्त किया जा सकेगा। इससे अधिक के समर्पण के लिए चेक ही स्वीकार किए जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल/संदीप-hindusthansamachar.in