संस्कृत के आभामंडल से ही भारतीय संस्कृति का संरक्षण संभव - डॉ. कुमावत

संस्कृत के आभामंडल से ही भारतीय संस्कृति का संरक्षण संभव - डॉ. कुमावत
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संस्कृत भारती- निशुल्क संस्कृत सम्भाषण वर्ग उदयपुर, 11 जून (हि.स.)। संस्कृत भारती चित्तौड़ प्रांत की ओर से उदयपुर सहित 12 जिलों में एक साथ शुक्रवार से 20 जून तक ऑनलाइन दस दिवसीय संस्कृत संभाषण वर्ग का आरंभ किया गया। यह शिविर प्रतिदिन सांय 4 बजे से 5.30 बजे तक निःशुल्क रहेगा। मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि संस्कृत की विश्व में चाह बढ़ रही है एवं संस्कृत के आभामंडल से ही हमारी भारतीय संस्कृति का संरक्षण संभव है। उन्होंने संस्कृत को प्रारंभिक भाषा के रूप में अनिवार्यता एवं अष्टमी कक्षा के उपरांत संस्कृत को वैकल्पिक के स्थान पर अनिवार्य भाषा के रूप में स्थान देने पर बल दिया। मुख्य वक्ता दुष्यंत नागदा ने कहा कि संस्कृत भारती विगत कई वर्षों से संस्कृत के प्रचार प्रसार के संकल्प को लेकर निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती द्वारा विश्व के 22 से अधिक देशों में संस्कृत के प्रचार प्रसार का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज संस्कृत के महत्व को पूरा विश्व समझ रहा है तथा विश्व में संस्कृत की चाह निरंतर बढ़ रही है। जिला सह सयोजक चैन शंकर दशोरा ने वर्ग परिचय में बताया कि वर्ग में प्रतिभागी संस्कृत में सरलता व रोचकता के साथ वार्तालाप, सुभाषित, कथा, गीत, चुटकुले, खेल आदि सीख सकेंगे जिसमें वर्ग के प्रथम दिन रोजमर्रा के शब्दों को सरल संस्कृत में सिखाया गया। उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिविराथियों ने थाली को स्थालिका, कटोरी को कंसः, नमस्कार को नमो नमः, चम्मच को चमसः, रोटी को रोटिका, गिलास को चषकः, सब्जी को शाकः, चावल को ओदनम, दाल को सूपः उच्चारित किया। महानगर संयोजक नरेंद्र शर्मा ने बताया की शुक्रवार को उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि आलोक संस्थान के निदेशक व भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमावत, मुख्य वक्ता संस्कृत भारती के उदयपुर विभाग संयोजक दुष्यंत नागदा ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वर्ग में 3054 से अधिक पंजीकरण हुए जिसमें उदयपुर से 239 शिक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ। कार्यक्रम का आरम्भ रेणु पालीवाल ने ध्येय मंत्र से किया। कार्यक्रम का संचालन महानगर शिक्षण प्रमुख दुर्गा कुमावत ने संस्कृत में किया। वर्ग के प्राम्भ में नरेंद्र शर्मा ने संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। वर्ग के मुख्य शिक्षक मीठालाल माली रहे। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल/संदीप