डाक कर्मचारियों में कोरोना महामारी से दहशत

डाक कर्मचारियों में कोरोना महामारी से दहशत
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जयपुर,07 मई (हि.स.)। राजधानी जयपुर में कोरोना के चलते लोगों में दहशत है, लेकिन डाक विभाग के कर्मचारी बिना रूके इस समय में भी लोगों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जहां एक ओर महामारी के चलते हर विभाग में सैनिटाइजर सहित अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं वहीं डाक विभाग में कार्य करने वाले कर्मचारियों को इस संक्रमण से बचने के लिए कोई सुविधाएं नहीं है। डाक विभाग में लोगों के घरों में डाक बांटने के साथ पार्सलों को लाने व घरों में पहुंचाने के चलते भी कर्मचारियों को संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। हाल ही में सामने आया है कि जयपुर के श्याम नगर डाकघर में एक कर्मचारी की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है। इसके बाद से डाक विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल है, उन्हें समझ नहीं आ रहा है इस कठिन परिस्थिति में कैसे काम किया जाए। श्याम नगर पोस्ट ऑफिस में काम करने वाले राकेश मीणा (पोस्टल असिस्टेंट) मेल बाबू ने बताया कि श्याम नगर पोस्ट ऑफिस में कोरोना के चलते एक कर्मचारी की मौत हो गई है। जिसके बाद यहां डर का माहौल है, प्रशासन द्वारा पोस्ट ऑफिस में सैनिटाइजर की भी व्यवस्था नहीं की गई है। सुबह 10 बजे से 2 बजे तक पोस्ट ऑफिस में पार्सल देने और लेने वालों की, डाक टिकट खरीदने व अन्य पोस्ट ऑफिस संबंधी कार्य करवाने वाले लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में कर्मचारी खुद सैनिटाइजर खरीद कर काम चला रहे हैं वही संक्रमण से बचने के पूरे उपाय कर रहे हैं। पूरी सावधानी बरतने के बाद भी एक कर्मचारी की मौत होने से सभी डरे हुए हैं। जो कर्मचारी ऑफिस में काम कर रहे हैं वह तो कैसे भी उचित दूरी बनाए रखने के साथ ही अन्य सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन जो डाक कर्मचारी घर- घर जाकर डाक बांट रहे हैं उनके लिए संक्रमण से बचना मुश्किल हो जाता है क्योंकि जब भी कोई पार्सल आता है तो उन्हें इसके लिए घरवालों से साइन भी लेने होते हैं वही कर्मचारी को यह नहीं पता होता कि वह जिस घर में डाक या पार्सल दे रहे हैं वहां कोई संक्रमित है या नहीं। ऐसे में कर्मचारी के संक्रमित होने का खतरा और भी बढ़ जाता है। इस कठिन समय में सरकार को डाक विभाग कर्मचारियों के बारे में सोचने की अत्यंत आवश्यकता है और सभी डाक विभागों को सरकार की ओर से सैनिटाइज कराया जाना चाहिए। इसी के साथ डाक कर्मचारियों को अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जानी चाहिए, जिससे वे इस महामारी से बचते हुए निरंतर अपनी सेवाएं लोगों को देते रहें। उन्होंने कहा कि कोविड की शुरुआत से ही अपनी जान जोखिम में डालकर डोर टू डोर जाकर डाक कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में उनका लोगों से सीधा सम्पर्क हो रहा है और कोविड संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से कार्मिकों को जीवन रक्षा संसाधन उपलब्ध करवाए जाने चाहिए, कैम्प लगाकर कर्मचारियों का वैक्सीनेशन करवाया जाए। वहीं कोविड पॉजिटिव कर्मचारियों को आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई जाएं जिससे उनके परिवार सुरक्षित रहें। हिन्दुस्थान समाचार/दिनेश/ ईश्वर