उपनेता प्रतिपक्ष ने जताया फ्यूल सरचार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूली का विरोध

उपनेता प्रतिपक्ष ने जताया फ्यूल सरचार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूली का विरोध
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जयपुर, 24 मार्च (हि. स.)। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने वक्तव्य जारी कर राज्य के बिजली उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज के नाम पर एक बार फिर 112 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार लादते हुए 7 पैसे प्रति यूनिट की वसूली के आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण व आम आदमी की कमर तोडऩे वाला बताया है। राठौड़ ने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर से दिसम्बर तक उपभोग की गई बिजली यूनिट के अनुसार 7 पैसे प्रति यूनिट की फ्यूल सरचार्ज की राशि अगले माह अप्रैल में जारी होने वाले बिल में जुडक़र आएगी। राठौड़ ने कहा कि जनघोषणा पत्र में कांग्रेस सरकार ने अपने शासनकाल में विद्युत दरों को नहीं बढ़ाने के वायदे पर यू-टर्न लेते हुए 26 माह के कार्यकाल में दर्जनों बार कई कारण बताते हुए आम आदमी की जेब ढीली करने का काम किया है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने विद्युत दरों में बार-बार बढ़ोतरी कर वैश्विक महामारी कोरोना के कारण से आम आदमी की लडख़ड़ाई अर्थव्यवस्था के घाव पर नमक छिडक़ने का काम किया है। सरकार ने टैरिफ, फ्यूल चार्ज, फिक्स चार्ज, एडिशनल सिक्योरिटी व अडानी जजिया कर लगाकर कुल 3 बार विद्युत दरों में बढ़ोतरी कर राज्य के 1 करोड़ 52 लाख उपभोक्ताओं की जेब पर 5200 करोड़ का डाका डाला है और अब एक बार फिर फ्यूल सरचार्ज के नाम पर विद्युत उपभोक्ताओं को 112 करोड़ रुपये का झटका देने की तैयारी में है जबकि बिजली तारों से गायब है। राठौड़ ने कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस सरकार के शासन में फ्यूल सरचार्ज के नाम पर अब तक उपभोक्ताओं पर औसतन 35 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार आ चुका है। अगर पिछले वर्ष फरवरी में हुई विद्युत दरों में बढ़ोतरी की राशि को भी इसमें जोड़ा जाए तो कांग्रेस के शासन में आम उपभोक्ता को औसतन 1.50 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा राशि चुकानी पड़ रही है। राठौड़ ने कहा कि आज आम उपभोक्ता प्रतिमाह 100 यूनिट से ज्यादा उपभोग करता है। 100 यूनिट से ज्यादा उपभोग करने वाले बिजली उपभोक्ताओं से राजस्थान महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरे नंबर पर सर्वाधिक विद्युत दर वसूल कर रहा है। राठौड़ ने कहा कि बिजली कंपनियों की फ्यूल सरचार्ज की वसूली की तैयारी पहले से ही चल रही थी लेकिन डिस्कॉम ने जानबूझकर विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद फ्यूल सरचार्ज की वसूली के आदेश जारी किए हैं ताकि कार्यवाही के दौरान विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को न घेर लें। जबकि विपक्षी पार्टी होने के नाते भारतीय जनता पार्टी बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप

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