वैक्सीनेशन केन्द्र के पड़ोसी ही नहीं लगवा पा रहे वैक्सीन, व्यवथा बदलें - कटारिया

वैक्सीनेशन केन्द्र के पड़ोसी ही नहीं लगवा पा रहे वैक्सीन, व्यवथा बदलें - कटारिया
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जयपुर, 22 मई (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने राजस्थान में 18 से 44 आयुवर्ग के नागरिकों को कोरोना वैक्सीनेशन में आ रही मुश्किलों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने वैक्सीनेशन प्रक्रिया में सुधार के भी सुझाव दिए हैं। कटारिया ने पत्र में सरकार के 1 मई से इस युवा वर्ग को वैक्सीन लगाना शुरू करने के निर्णय को बेहतर बताते हुए ध्यानाकर्षित किया है कि वैक्सीन की मात्रा कम आने की वजह से या अन्य कारणों से वैक्सीनेशन सेंटर कम बनाए गए हैं और जो बनाए गए हैं उन सभी में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी गई है। प्रदेश में 70 प्रतिशत जनता ग्रामीण व आदिवासी है जिन्हें ऑनलाइन बुकिंग कराना नहीं आता है और न ही इन्हें इसकी सुविधा है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उदयपुर जिले के कोटड़ा, झाड़ोल, गोगुन्दा, खैरवाड़ा, लसाड़ियां यहां तक कि उदयपुर ग्रामीण तथा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ जिले में जो केन्द्र बनाए गए हैं, उन पर 90-95 प्रतिशत व्यक्ति शहरों से या अन्य स्थानों से पहुंच रहे हैं। झाड़ोल, कोटड़ा की सीमा पर जो केन्द्र स्था्पित किए गए हैं, उन पर गुजरात के लोग ऑनलाइन बुकिंग कराकर वैक्सीन लगवा रहे हैं, इसलिए स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यह आक्रोश कभी भी कानून व्यववस्था को ध्वस्त कर सकता है। जहां वैक्सीनेशन केन्द्र है, वहीं के निवासी वैक्सीन नहीं लगवा पा रहे हैं। कटारिया ने सुझाव दिया है कि जिन केन्द्रों पर वैक्सीनेशन हो रहा है, उस केन्द्र के आस-पास के लोगों को भी वैक्सीन लगे, इसके लिए व्यवस्था में बदलाव किया जाए। वैक्सीनेशन केन्द्र बढ़ाए जाएं तथा वैक्सीन की मात्रा को भी ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए। गौरतलब है कि गांवों में कोरोना ने पैर पसार रखे हैं और कई ग्रामीणों की मृत्यु भी हुई है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल / ईश्वर