मित्तल हाॅस्पिटल अजमेर को आक्सीजन आपूर्ति का संकट टला

मित्तल हाॅस्पिटल अजमेर को आक्सीजन आपूर्ति का संकट टला
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अजमेर, 04 मई(हि.स.)। अजमेर संभाग के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती तकरीबन एक सौ से अधिक मरीजों पर छाया सांसों का संकट मंगलवार को टल तो गया पर पूरी तरह मिटा नहीं। हाॅस्पिटल में भर्ती मरीजों की सांसों पर एकाएक गहराए संकट की घड़ी में जिला प्रशासन से लेकर केंद्रीय स्तर पर बैठे अजमेर के शुभचिंतक, मित्र एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से हाॅस्पिटल को आक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी एयर लिक्विड नॉर्थ इंडिया प्रा.लि. ने आश्वस्त किया कि अजमेर के लिए आक्सीजन का कंटेनर रवाना कर दिया गया है। फिलवक्त आक्सीजन कंटेनर राजस्थान की राजधानी जयपुर होता हुए हरियाणा से अजमेर पहुंचेगा। जिला प्रशासन ने हाॅस्पिटल में भर्ती मरीजों की सांसो को कायम बनाए रखने के लिए मंगलवार की सुबह 50 ऑक्सीजन सिलेंडरों की अतिरिक्त व्यवस्था की है। इससे कोरोना संक्रमित भर्ती मरीजों ने भी राहत की सांस ली है। कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने अस्पताल प्रशासन से भी कहा है कि भर्ती मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि मौजूदा परिस्थितियों में मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। मालूम हो कि मित्तल अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म एयर लिक्विड नॉर्थ इंडिया प्रा.लि. ने ऑक्सीजन सप्लाई में असमर्थता जताई है। देश के ऑक्सीजन प्लांटों पर केन्द्र सरकार का नियंत्रण होने के कारण ऐसा संकट हुआ है। सरकार ने आक्सीजन प्लांटों के लिए राजस्थान का कोटा निर्धारित कर दिए जाने से अजमेर के मित्तल हाॅस्पिटल को आपूर्ति की जाने वाली आक्सीजन भी आधी ही रह गई है। वहीं उसकी उपलब्धता भी नियमित रूप से सुनिश्चित नहीं रही है। यही वजह है कि सोमवार की शाम को भर्ती मरीजों को यह सूचना दी गई कि हाॅस्पिटल के पास उनकी सांसों को बनाए रखने हेतु आक्सीजन की मात्रा सीमित ही रह गई है, लिहाजा रोगियों को स्वेच्छा से अन्यत्र स्थानान्तरण का विकल्प खुला छोड़ा गया। यह सूचना आग की तरह फैलते ही समूचे देश में ओहदों पर बैठे वे लोग जो अजमेर से लगाव और जुड़ाव रखते हैं अपने अपने स्तर पर सक्रिय हो गए। इनमें राज्य सभा सदस्य भूपेन्द्र यादव ने भी संज्ञान लिया तो मुख्य मंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उप मुख्य मंत्री सचिन पायलट, वरिष्ठ पत्रकार इन्दुशेखर पंचोली, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी निरज भटनागर, प्रो दिव्या सिंगल सहित अनेक शुभचिंतकों ने अपनी भूमिका निभाई ओर अजमेर के लिए आक्सीजन पहुंचाने में सक्रियता दर्शाई। नतीजा रहा कि संबंधित फर्म से भी कुछ लिक्विड ऑक्सीजन 4 मई की रात तक उपलब्ध होने का आश्वासन मिला। मित्तल हाॅस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि ऑक्सीजन का संकट तात्कालिक रूप से टल जरूर गया है। लेकिन यदि ऑक्सीजन की सप्लाई आवश्यकता के अनुसार लगातार नहीं हुई तो मरीजों को भर्ती रख पाना और नए मरीजों को भर्ती करना संभव नहीं होगा। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/संदीप