पाक विस्थापितों के लिए बिना आधार हो कोविड टीकाकरण : प्रोफेसर अय्यूब

पाक विस्थापितों के लिए बिना आधार हो कोविड टीकाकरण : प्रोफेसर अय्यूब
kovid-vaccination-without-basis-for-pak-migrants-professor-job

जोधपुर, 07 मई (हि.स.)। राज्य सरकार ने पहले वरिष्ठ नागरिक, फिर 45 वर्ष और अब 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग का निर्धारण करके टीकाकरण की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है परन्तु आधार कार्ड से वंचित पाक विस्थापित और जैन मुनि इत्यादि के टीकाकरण को भी इस अभियान में शामिल करने की आवश्कता महसूस की जा रही है। सूरसागर विधानसभा क्षेत्र के एक सघन क्षेत्र में बसे हुए पाक विस्थापित परिवारों के हर आयुवर्ग को लेकर समाजसेवी प्रोफेसर डॉ. अय्यूब खान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास को पत्र लिखकर मांग की है कि डालीबाई मन्दिर के पास स्थित अल कौसर पाक विस्थापित कॉलोनी में निवास कर रहे पाक विस्थापितों में कोरोना के लक्षण व्याप्त हो रहे हैं और भविष्य में यह नागरिक सुपर स्प्रेडर साबित हो सकते हैं। चूंकि पाक विस्थापितों के पास इस समय आधार कार्ड नहीं है। अत: स्वेच्छा से टीकाकरण के लिए पंजीकरण करवाकर टीका लगवा पाना इनके लिए असम्भव है। अत: इस क्षेत्र में विशेष शिविर लगाकर कोविड 19 के रक्षण को टीकाकरण करना आवश्यक प्रतीत हो रहा हैं। प्रोफेसर अय्यूब ने बताया कि वर्तमान में 18 वर्ष आयुवर्ग तक के सामान्य युवाओं को टीकाकरण में सम्मिलित करने के उपरान्त युवाओं में काफी उत्साह है। वहीं जैन समुदाय के मुनि और अन्य घुमक्कड़ व परित्यक्त व्यक्तियों के लिए भी टीकाकरण की योजना शीघ्र सामने आने से कोविड 19 की रोकथाम कर पाना सम्भव हो पाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित