उदयपुर में रेमडेसिवीर की कालाबाजारी रोकने स्वास्थ्य महकमे ने कसी कमर

उदयपुर में रेमडेसिवीर की कालाबाजारी रोकने स्वास्थ्य महकमे ने कसी कमर
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-किल्लत है लेकिन उतनी नहीं - सीएमएचओ उदयपुर, 12 अप्रैल (हि.स.)। उदयपुर में भी कोरोना संक्रमितों के उपचार में काम में आने वाले रेमडेसिवीर इंजेक्शन की किल्लत है और इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य महकमा यह सूची तैयार कर रहा है कि किस मेडिकल शाॅप पर कितने रेमडेसिवीर हैं और उनका उपयोग करने की जानकारी भी विभाग मंगवाने की तैयारी कर रहा है। इससे इस जरूरी इंजेक्शन की कालाबाजारी पर रोक लग सकेगी। सीएमएचओ डाॅ. दिनेश खराड़ी ने सोमवार को कोरोना को लेकर उदयपुर के हालात के सम्बंध में मीडिया से चर्चा में कहा कि कोई भी नागरिक यह न सोचे कि सरकार के पास बेड नहीं हैं या वेंटिलेटर नहीं हैं। यदि जरूरत बढ़ेगी तो विभाग इसकी पूर्ति के लिए व्यवस्था भी बढ़ाता रहेगा। कोई भी सरकारी दिशा-निर्देश में भर्ती होना चाहता है तो हो सकता है, लेकिन जो घर पर एकांतवास में रह सकते हैं, उन्हें जरूरत पड़ने पर रेमडेसिवीर इंजेक्शन घर पर भी डे-केयर आधार पर लगवाए जा सकते हैं। विभाग इसकी भी व्यवस्था करेगा। उन्होंने कहा कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन भी सभी को लगवाने की आवश्यकता नहीं होती। एचआरसीटी में जिनका स्कोर 25 में से 15 से अधिक है उनके लिए यह इंजेक्शन आवश्यक है। 15 से नीचे के स्कोर वाली स्थिति में सभी को रेमडेसिवीर की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप ही रेमडेसिवीर लगवाना चाहिए। सीएमएचओ खराड़ी ने कहा कि संक्रमित मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए यह जरूरी है कि हम हमारे सामने खड़े हर व्यक्ति पर शक करें और मास्क लगाए रखें, दो गज दूरी बनाए रखें। दरअसल, असिम्टोमेटिक लोगों को पता नहीं था कि उन्हें कोरोना संक्रमण हो चुका है, ऐसे में उनसे यह दूसरों को फैलता चला गया। ऐसे में हर व्यक्ति दूसरे से दूरी बनाए रखे। दूसरों को भी टोकें। अभी सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड के लिए आरक्षित 2063 बेड में से 923 बेड पर मरीज भर्ती हैं। आॅक्सीजन वाले 711 बेड में से 387 बेड भर चुके हैं। आईसीयू में बिना वेंटिलेटर वाले 140 में से 119 पर मरीज हैं और वेंटिलेटर वाले 217 बेड में से 126 पर मरीज हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल / ईश्वर