भारत सरकार ग्लोबल टेंडर निकाल राज्यों को योजनाबद्ध तरीके से वैक्सीन उपलब्ध कराए-सीएम गहलोत

भारत सरकार ग्लोबल टेंडर निकाल राज्यों को योजनाबद्ध तरीके से वैक्सीन उपलब्ध कराए-सीएम गहलोत
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जयपुर, 13 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार से वैक्सीन खरीदने के लिए एक बार फिर ग्लोबल टेंडर निकालने की मांग करते हुए कहा कि इससे राज्यों को योजनाबद्ध तरीके से वैक्सीन उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री गहलोत ने गुरुवार शाम को ट्विट करते हुए कहा कि देश में वैक्सीन की कमी से अब तक 11 राज्य वैक्सीन खरीदने हेतु ग्लोबल टेंडर निकाल चुके हैं। इससे राज्यों को अलग-अलग कीमत पर वैक्सीन मिलेगी। अच्छा यह होता कि भारत सरकार ग्लोबल टेंडर निकालती एवं राज्यों को योजनाबद्ध तरीके से वैक्सीन उपलब्ध करवाती क्योंकि सम्पूर्ण वैक्सीनेशन से ही कोरोना की तीसरी लहर से बचा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में वैक्सीनेशन को गति देने तथा वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित करने के प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। इससे विदेशी वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन की 1 करोड़ डोज खरीदी जा सकेंगी। मंत्रिपरिषद ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कोरोना संक्रमण का तेजी से प्रसार हो रहा है। देशभर में बड़ी संख्या में मौतें भी हो रही हैं। लेकिन केंद्र सरकार से वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होने से टीकाकरण की गति काफी धीमी हो गई है। ऐसे में जीवन रक्षा के लिए वैक्सीनेशन को गति देना बेहद जरूरी है। मंत्रिपरिषद ने इसके लिए विदेशी कंपनियों से वैक्सीन खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर पर सहमति व्यक्त की। ब्लैक फंगस बीमारी के मामले सामने आना बहुत चिन्ताजनक मुख्यमंत्री गहलोत ने एक अन्य ट्विट में राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) बीमारी के मामले सामने आने पर चिन्ता जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि यह बीमारी कोरोना से ठीक हुए डायबिटीज के रोगियों में अधिक हो रही है। इस बीमारी में पीड़ित की आंखो की रोशनी जाने के साथ जबड़े तक को निकालने की नौबत आ रही है। भारत सरकार को इसे गंभीरता से लेकर इसकी रोकथाम के लिए रिसर्च करवानी चाहिए। साथ ही इस बीमारी की रोकथाम एवं इलाज में काम आने वाली जरूरी दवाइयों एवं इंजेक्शन जैसे एम्फोटिसिरिन की व्यवस्था भी कर लेनी चाहिए जिससे इसकी कमी ना हो। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/ ईश्वर

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