मंत्रीमड़ल विस्तार से पहले गहलोत सरकार सदन में बहुत साबित करे- कटारिया
मंत्रीमड़ल विस्तार से पहले गहलोत सरकार सदन में बहुत साबित करे- कटारिया
राजस्थान

मंत्रीमड़ल विस्तार से पहले गहलोत सरकार सदन में बहुत साबित करे- कटारिया

news

जयपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम को लेकर प्रदेश भाजपा ने मंगलवार को प्रदेश मुख्यालय में एक अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री वी सतीश, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ और रालोपा के संयोजक और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल मौजूद रहे। बैठक के बाद भाजपा नेताओं ने पत्रकारों से बात करते हुए अशोक गहलोत की सरकार को जमकर घेरा। पत्रकारों से बात करते हुए राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने कहा कि राज्य कांग्रेस का कोई धणी-धोरी नहीं है, पार्टी पूरी तरह से अनाथ है। उन्होंने कहा कि करीब पौने दो साल के अपमान के बाद आज कांग्रेस के सर्वेसर्वा बनकर बैठे अशोक गहलोत ने सचिन पायलट और उनके साथी दो अन्य मंत्रियों को बर्खास्त कर अपनी तानाशाही साबित कर दी। शपथ ग्रहण के समय ही नारे लगे थे, तभी राजस्थान की सरकार को ग्रहण लग गया था। उन्होंने कहा कि मोदी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, आज उनकी बात सच साबित हो रही है। साढ़े तीन प्रदेशों में कांग्रेस की सरकार थी, जिसमें से भी एक सरकार चली गई और दूसरी बहुमत खो चुकी है। डॉ. पूनियां ने कहा कि पायलट ने राज्य में पांच साल संघर्ष किया, लेकिन जब मुख्यमंत्री बनने की बारी आई तो गहलोत ने आलाकमान के आगे चमचागिरी कर सत्ता हासिल करने में कामयाब हो गए। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस में शुरू से ही बुजुर्ग नेताओं का अपमान हुआ है। राज्य में कोरोन के कारण जनता त्राहिमाम कर रही है और सरकार एक होटल में बंद पड़ी है, कोरोना काल के दौरान हुए महापाप, भ्रष्टाचार और तमाम कुकर्मों को ढकने के लिए यह सारा ड्रामा किया जा रहा है, इसलिए इस सरकार का डूब जाना ही राज्य के हित में है। उन्होंने कहा कि भाजपा मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक की है और आगे क्या रणनीति अपना सकते हैं, इसको लेकर हमारे साथी दल के नेता हनुमान बेनीवाल के साथ बातचीत की है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पायलट भाजपा में आएंगे या फिर आरएलपी में जाएंगे, यह समय तय करेगा, फिलहाल केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा कर भाजपा आगे के कदम उठाएगी। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि जब से सरकार बनी है, तब से लेकर आजतक कभी भी ऐसा नहीं लगा की राज्य की सरकार जनता के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार आज की तारीख में अल्पमत में है और ऐसे समय में अगर गहलोत अपने मंत्रीमंड़ल का विस्तार करते हैं तो पहले उनको सदन में बहुमत साबित करना चाहिए, वरना यह लोकतंत्र का अपमान होगा। यह बात सही है कि मंत्रीमंड़ल विस्तार करना गहलोत का अधिकार है, लेकिन बहुमत साबित करे बिना विस्तार करते हैं तो यह लोकतंत्री का चीर हरण होगा, सरकार खुद बीटीपी के विधायकों को पुलिस के द्वारा ट्रेस करके उनको कैद करना संविधान का अपमान है। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कितने मुकेश भाकर, कितने भंवरलाल शर्मा और महाराजा विश्वेंद्र सिंह कांग्रेस के दामन में छुपे हैं, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर जो पहरा लगा रखा है, जिस दिन यह पहरा हटेगा, उस दिन विस्फोट हो जाएगा और इतनी बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक दल के लोग अपने मंतव्य को स्पष्टता से प्रकट करेंगे। राठौड़ ने वसुंधरा राजे को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि जब जरुरत होगी, तब उनको बुला लिया जाएगा और अभी भी वो पार्टी के साथ लगातार संपर्क में हैं। इस मौके पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने दावा किया कि उनके संपर्क में कांग्रेस के 10 से ज्यादा विधायक हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने दोहराया कि दिसंबर 2018 में अगर पायलट को मुख्यमंत्री बनाते तो रालोपा के तीनों विधायक सरकार को समर्थन करते, लेकिन गहलोत ने अपने बेटे का करियर बनाने के लिए राज्य को अराजकता, अपराध और नेताओं के अपमान की राजधानी बना दिया है। पायलट के रालोपा में शामिल होने की संभावना पर बोलते हुए कहा कि पायलट रालोपा ज्वाइन कर लें इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ मिलकर गहलोत की सरकार को गिराने के लिए प्रयास जारी हैं और यह सरकार गिरेगी नहीं, तब तक वो चैन से नहीं बैठेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप-hindusthansamachar.in