स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दक्षता हासिल करने से प्रवासी श्रमिकों को मिल सकता है रोजगार- डॉ. पंवार
स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दक्षता हासिल करने से प्रवासी श्रमिकों को मिल सकता है रोजगार- डॉ. पंवार
राजस्थान

स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दक्षता हासिल करने से प्रवासी श्रमिकों को मिल सकता है रोजगार- डॉ. पंवार

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जोधपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान राज्य कौशल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. ललित के. पंवार ने कहा कि कोरोना महामारी ने हम सभी के सामने कई चुनौतियां पेश की हैं जिनका सामना हम अपने काम-काज के तौर-तरीकों में बदलाव करके कर रहे हैं। ठीक इसी तरह उन लाखों प्रवासी मजदूरों को भी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार अपनी दक्षता में बदलाव करना होगा जो कोरोना के कारण अपने गृह राज्य लौटे हैं। डॉ .पंवार शुक्रवार को यहां पत्र सूचना कार्यालय की ओर से “कोरोना प्रभावित श्रमिक- हुनर से रोजगार” विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना में प्रवासी श्रमिकों को काम देने के मामले में राजस्थान पूरे देश में अव्वल है। इसके अलावा इन मजदूरों को रोजगार देने के लिए राज कौशल पोर्टल पर बनाया गया है जिस पर अब तक एक लाख मजदूरों का पंजीकरण हो चुका है। डॉ. पंवार ने कहा कि श्रमिकों को आरएसएलडीसी के माध्यम से हुनरमंद बनाकर रीको औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान और उसके बाद रोजगार के जो नए क्षेत्र उभर कर सामने आयें हैं उनमें आई टी, डिजिटल फ्लैटफॉर्म्स, ऑनलाइन मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, हैल्थकेयर, हार्डवेयर, ,पैकेजिंग एंड डिलीवरी, पैक्ड कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। डॉ. पंवार ने युवाओं से इन क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने की अपील की। पत्र सूचना कार्यालय की अपर महानिदेशक डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रवासी मजदूरों की रोजगार की समस्या पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री के कौशल विकास मिशन की वर्षगांठ पर दिये गए संदेश को याद करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को सक्षम बनाने के लिए रिस्किलिंग और अपस्किलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रवासी श्रमिक भी ऐसा करके अपने-अपने क्षेत्र में रोजगार हासिल कर सकते हैं। प्रारम्भ में वेबीनार के मुख्य वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए नेहरू युवा केंद्र संगठन, राजस्थान के राज्य निदेशक डॉ. भुवनेश जैन ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की समस्याओं के लिए नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। अब तक 85 हजार लोगों कि स्किल मैपिंग की जा चुकी है। राजस्थान में आए लगभग 10 लाख श्रमिकों से उनके स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं और उन्हें मास्क, सैनेटाइजर और खाने की सामग्री उपलब्ध कराने में भी मदद कर रहे हैं। पत्र सूचना कार्यालय के निदेशक प्रेम भारती ने बताया कि इस वेबिनार का आयोजन युवा मामलों और खेल मंत्रालय के नेहरू युवा केंद्र संगठन के राजस्थान प्रदेश कार्यालय के सहयोग से किया गया। वेबिनार में प्रदेश के सभी जिलों में कार्यरत नेहरू युवा केन्द्रों के जिला युवा समन्वयक और युवा मण्डल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वेबिनर में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रदेश के चयनित 22 जिलों में प्रवासी श्रमिकों को कौशल के जरिये रोजगार प्रदान करने पर विशेष चर्चा की गयी। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप-hindusthansamachar.in