दिवंगत न्यायमूर्ति होसबेट सुरेश को द्वितीय डॉ. असगर अली इंजीनियर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
दिवंगत न्यायमूर्ति होसबेट सुरेश को द्वितीय डॉ. असगर अली इंजीनियर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
राजस्थान

दिवंगत न्यायमूर्ति होसबेट सुरेश को द्वितीय डॉ. असगर अली इंजीनियर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

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उदयपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। दिवंगत न्यायमूर्ति होसबेट सुरेश को मरणोपरांत द्वितीय डॉ. असगर अली इंजीनियर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ दाउदी बोहरा कम्युनिटी (बोहरा यूथ) के अध्यक्ष मंसूर अली बोहरा ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस होसबेट कई दशकों से भारत में हाशिये पर रहने वाले लोगों की आवाज थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे देश के वंचित लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहे और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आजीवन अडिग रहे। न्यायमूर्ति सुरेश ने हाशिये पर रहने वाले समुदायों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर अनेक जन न्यायाधिकरणों का नेतृत्व किया जिनमें बेंगलूरु दंगे (1991) - कावेरी जल विवाद के बाद, बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद मुंबई में हुए सांप्रदायिक दंगों पर पीपुल्स वर्डिक्ट (1993), जबरन साक्ष्य - मुंबई में फुटपाथ और स्लम डवेलर्स होम्स के क्रूर विध्वंस में एक भारतीय पीपुल्स ट्रिब्यूनल जांच (1995) आदि प्रमुख है। तथ्यों और गवाही के एक जटिल संकलन के स्वरूप उनकी रिपोट्र्स को सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की कार्यवाही में अक्सर उद्धृत किया जाता है। इसी तरह उन्होंने पूर्वी तट पर झींगा पालन के हानिकारक प्रभावों के बारे में रिपोर्ट संकलित की, फलस्वरूप सर्वोच्च न्यायालय को वर्ष 1995 झींगा की खेती पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। गौरतलब है कि डॉ. असगर अली इंजीनियर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड की स्थापना सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ दाऊदी बोहरा कम्युनिटी, सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सेक्युलरिज्म, इंस्टीट्यूट ऑफ इस्लामिक स्टडीज और बोहरा यूथ संस्थान द्वारा डॉ. इंजीनियर के सांप्रदायिक सद्भाव, दाऊदी बोहरा के भीतर प्रगतिशील सुधार और लैंगिक न्याय के लिए उनके द्वारा किये गए कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। इसमें 25 हजार रूपये नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल / ईश्वर-hindusthansamachar.in