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राजस्थान

ज्ञान गंगा कार्यक्रम में दूसरे दिन फिल्म निर्माण में साहित्य के योगदान पर हुई चर्चा

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अजमेर, 23 फरवरी(हि.स.)। ज्ञान गंगा कार्यक्रम के अन्तर्गत दूसरे दिन फिल्म निर्माण में साहित्य के योगदान के साथ.साथ अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ प्रतिभा यादव ने बताया कि राजस्थान कॉलेज शिक्षा जयपुर एवं सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में ज्ञान गंगा कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा एक 6 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम जारी है। इस अकादमिक प्रोग्राम का विषय ट्रेंड्स एंड अप्रोचेज इन दी टीचिंग एंड र्लनिंग ऑफ इंग्लिश लैंग्वेज एन्ड लिटरेचर है। कार्यक्रम समन्वयक व अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ मंजु शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे दिन 23 फरवरी को जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर ने इन्ट्रोड्यूसिंग लिटरेरी थ्योरी विषय पर एक विस्तृत व्याख्यान दिया। प्रोफेसर चंडालिया ने अरस्तू से लेकर मध्यकालिक साहित्यिक आलोचना की थ्यौरीज पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक मनोविज्ञान व ईको क्रिटिसिज्म से जुड़े आलोचकों की नई थ्यौरीज को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंनेे बताया कि दी इंग्लिश एण्ड फोरेन लैंग्वेजेज यूनिर्वसिटी हैदराबाद के डिपार्टमेंट ऑफ फिल्म स्टडीज की प्रोफेसर निखिला एचण् ने री मेकिंग ऑफ अ लिटरेरी क्लासिक वाया मल्टिपल फिल्म अडाप्टेशन विषय पर व्याख्यान दिया। विश्व सिनेमा में फिल्म्स के विभिन्न पहलुओं को प्रोफेसर निखिला ने अपना विषय बनाया तथा फिल्म निर्माण में साहित्य के प्रभाव व योगदान को भी उन्होंने रेखांकित किया। प्रोफेसर निखिला ने सिनेमा के नए आयामों पर भी प्रकाश डाला तथा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित चुनौतीर्पूण व साहसिक कन्टेन्ट पर भी चर्चा की। उन्होंनेे बताया कि जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर की पूर्व प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. सुधी राजीव ने एन ऑवरव्यू ऑफ फेमिनिज्म अक्रॉस द वल्र्ड विषय पर अपना उद्बोधन दिया। प्रोफेसर सुधी ने स्त्री के पुरातन काल से उपेक्षिता के रुप में जीवन के क्रूर थपेडों को सहते हुए वर्तमान काल तक के संघर्ष की गाथा के साथ अपना स्थान व पहचान बनाने की यात्रा को अपने व्याख्यान में व्यक्त किया। उन्होंने फेमिनिज्म के प्रमुख लेखकों की अवधारणाओं को प्रस्तुत करते हुए स्त्री विमर्श के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया। मॉडरेटर श्रीमती स्वाति नलवाया ने कार्यक्रम की शुरुआत में सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उद्घाटन सत्र की रिपोर्ट राजकीय महाविद्यालय किशनगढ़ की सह आचार्य डॉ. ज्योति भाटिया ने प्रस्तुत की। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/संदीप

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