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राजस्थान

इंदिरा गांधी नहर का दूषित जल दस जिलों के लोगों के लिये जानलेवा- डॉ. पूनियां

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जयपुर, 11 जून (हि.स.)। पंजाब से इंदिरा गांधी नहर परियोजना में आ रहे दूषित जहरीले पानी से राज्य के लगभग 10 जिलों में उत्पन्न स्थिति के संबंध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। डॉ. पूनियां ने गहलोत को पत्र में लिखा कि, पिछले कुछ समय से प्रदेश के 10 जिले यथा गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर नागौर, चूरू, झुंझुनू एवं सीकर को इंदिरा गांधी नहर परियोजना से पेयजल के साथ-साथ जल संरक्षण के समक्ष एक विकट संकट का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब स्थित हरिके बैराज से पिछले कुछ समय से काला दूषित जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण राजस्थान की इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर एवं भाखडा नांगल सिंचाई प्रणाली जिनमें अमृत रूपी जल प्रवाह होता है, उनमें अब जहर फैलता जा रहा है। पीना तो दूर ऐसे जहरीले पानी से सिंचाई तक जानलेवा साबित हो रही है। यह पानी पेयजल हेतु हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर, बीकानेर सहित दस जिलों के लगभग दो करोड़ लोगों के लिये सप्लाई किया जाता है। पंजाब के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला गंदा केमिकल युक्त पानी सतुलज नदी के जरिये इंदिरा गांधी नहर के पानी में आकर मिल रहा है और इसे जहरीला बना रहा है। वर्तमान समय में कोरोना वैश्विक महामारी से आमजन त्रस्त है और अब इंदिरा गांधी नहर परियोजना का दूषित हो रहा जल इन दस जिलों के लोगों के लिये जानलेवा साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार ये दूषित जल किडनी, लीवर के लिये अत्यन्त नुकसानदायक है और कैंसर जैसे भयंकर रोगों का भी एक प्रमुख कारण बन रहा है। इस जहरीले पानी के कारण इन नहरों में लाखों-करोड़ों की संख्या में मछलियों व अन्य जलीय जन्तुओं की मौत हो गई है। नहरबंदी के बाद बेसब्री से नहरों में पानी का इंतजार कर रहे लोगों ने जब इस काले गंदे प्रदूषित जहरीले पानी को देखा तो उनकी उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है। जल के प्रदूषित हो जाने के मामले को लेकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना अंतर्गत लाभान्वित दस जिलों के लोगों में व्यापक जन आक्रोश भी फैलता जा रहा है। प्रदेश में पेयजल के साथ-साथ जलसंरक्षण और भूजल को लेकर भी यह चुनौती अत्यधिक गंभीर है। यदि समय रहते इसका पुख्ता हल नहीं निकाला गया तो यह आने वाले समय में एक विकराल रूप धारण करके कैंसर जैसी महामारी पैदा कर सकता है। डॉ. पूनियां ने गहलोत से आग्रह किया कि, लोकमहत्व के इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेते हुये पंजाब सरकार से वार्ता कर समस्या का शीघ्रातिशीघ्र समाधान करवाये जाने का श्रम करावें, जिससे इन दस जिलों के लगभग दो करोड़ लोगों को इस गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप