कांग्रेस शासनकाल के समय था संवैधानिक संस्थाओं को खतरा : शर्मा

कांग्रेस शासनकाल के समय था संवैधानिक संस्थाओं को खतरा : शर्मा
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जयपुर, 22 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस पार्टी द्वारा लोकतांत्रिक संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता विषय पर आयोजित सेमिनार पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर सेमिनार आयोजित की गई थी, लेकिन लोकतांत्रिक संवैधानिक संस्थाओं की स्वायतत्ता के विषय पर उपस्थित वक्ताओं ने चर्चा ही नहीं की। जितने भी वक्ता थे उन्होंने भारत सरकार पर निशाना साधे। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस के मित्रों से कहना चाहता हूं कि इन संवैधानिक संस्थाओं पर खतरा तो तब हुआ था जब इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को आपकी सरकार मानने को तैयार नहीं हुई थी। संवैधानिक संस्थाओं पर तो खतरा तब हुआ था, जब देश में आपातकाल लागू किया गया। संवैधानिक संस्थाओं पर खतरा तब हुआ था जब उत्तर प्रदेश में कोई घटना घटित होती है और उसके साथ चार राज्यों की सरकारों को बर्खास्त किया जाता है। संवैधानिक संस्थाओं पर तो खतरा तब हुआ था जब पीएम सेक्शन से पहले निर्वाचन आयोग की क्या दशा आपकी सरकारों ने कर रखी थी। संवैधानिक संस्थाओं पर खतरा तब पैदा हुआ था जब संसद में कोई बिल पेश किया जाता है और उस बिल की कॉपी एक ऐसे असंवैधानिक व्यक्ति जो संवैधानिक पदों पर भी नहीं है, उसके द्वारा फाड़ दी जाती थी। संवैधानिक संस्थाओं पर खतरा तब पैदा हुआ था जब एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को गांधी परिवार रिमोट से चलाने का काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि कम से कम ऐसे सेमिनार में देश के तमाम लोगों को हकीकत बतानी चाहिए कि आपकी जब जब सरकारें रही तब तब लोकतांत्रिक रूप से संवैधानिक संस्थाओं पर आपने शिकंजा कसने का काम किया है। वर्तमान समय में संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र होकर काम कर रही है, उन पर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर