मुख्यमंत्री गहलोत के बयान पर पायलट गुट के तीन विधायकों का पलटवार
मुख्यमंत्री गहलोत के बयान पर पायलट गुट के तीन विधायकों का पलटवार
राजस्थान

मुख्यमंत्री गहलोत के बयान पर पायलट गुट के तीन विधायकों का पलटवार

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जयपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में सियासी संकट 15वें दिन भी जारी है। इस बीच मामला उलझता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर हमलावर है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समर्थक विधायक भी एक्टिव है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व पर कांग्रेस के विधायकों को हरियाणा के मानेसर में बंधक बनाकर रखे जाने का आरोप लगाया है। पायलट गुट के तीन विधायकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गहलोत के बयानों का खंडन किया है। विधायक वेदप्रकाश सोलंकी, मुरारीलाल मीणा और सुरेश मोदी ने वाट्सएप ग्रुपों में वीडियो जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कह रहे हैं कि हमें भाजपा ने बंधक बनाया है। यह आरोप गलत है, हम सब अपनी मर्जी से यहां हैं। हम सचिन पायलट के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। चाकसू विधानसभा क्षेत्र से विधायक वेदप्रकाश सोलंकी वीडियो में कह रहे हैं कि ‘‘कुछ लोग जयपुर में बैठकर आरोप लगा रहे हैं कि हमें यहां बंधक बना रखा है, लेकिन हम सब लोग स्वेच्छा से यहां आए हैं। मैं तो कलेक्टर साहब से पास बनवाकर आया हूं और सबको कहकर आया हूं कि मैं दिल्ली जा रहा हूं। हम सब लोग पूरे विवेक और मन से आए हैं और यहां किसी को भी किसी ने बंधक नहीं बना रखा है। हमने मुख्यमंत्री और आलाकमान से भी एक ही बात कही थी कि सचिन पायलट के साथ हैं और रहेंगे।’’ नीमकाथाना से विधायक सुरेश मोदी ने जारी वीडियो में कहा ‘‘आज गहलोत साहब ने कहा कि हमें भाजपा ने बंधक बना रखा है। मैं यह स्पष्ट कर दूं कि हमें किसी ने बंधक नहीं बना रखा है और न ही हमारे पास बाउंसर बैठे हैं। न हम बीमार हैं। न हम आंसू बहा रहे हैं और न ही हम वहां आने के लिए तड़प रहे हैं। उन्होंने हमारे यहां कोई काम नहीं किया।’’ हमने इतनी कोशिश की उनसे कहा कि मेरे यहां कुंभाराम लिफ्ट परियोजना का पानी लाओ, मेरी जनता त्रस्त है। मेरे इलाके को जिला बनाओ। पिछले डेढ़ साल में एक भी मांग पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। अब वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं यह गलत है। अपनी कुर्सी बचाए रखें, लेकिन उसके लिए सही तरीके अपनाएं। इसके लिए गलत आरोप नहीं लगाएं।’’ दौसा विधायक मुरारीलाल मीणा ने कहा, ‘‘न हमने कांग्रेस छोड़ी है और न ही हमसे भाजपा ने संपर्क किया है। उनके द्वारा की गई उपेक्षा से परेशान होकर हम आलाकमान के सामने अपनी बात रखने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। उन्हें (मुख्यमंत्री) को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना चाहिए, क्योंकि इससे कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। अगर वे कांग्रेस के इतने बड़े हितैषी हैं और तीन बार मुख्यमंत्री बने हैं तो क्यों कुर्सी से चिपक कर बैठे हैं। उन्हें कांग्रेस की एकता के लिए सीट को छोड़ देना चाहिए। एसीबी और एसओजी का जो प्रयोग किया जा रहा है उससे हमारे परिवार में भय है।” हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप-hindusthansamachar.in