भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने किया बांसवाड़ा, डूंगरपुर सहित कई जिलों का दौरा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने किया बांसवाड़ा, डूंगरपुर सहित कई जिलों का दौरा
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जयपुर, 20 जून (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने रविवार को बांसवाड़ा, डूंगरपुर सहित कई जिलों का दौरा किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को संबल दिया। डॉ. पूनियां ने धरियावद से विधायक रहे स्व. गौतम लाल मीणा को लसाडिया पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि, राजस्थान विधानसभा में धरियावाद से आने वाली बुलंद आवाज का शांत हो जाना मेरे लिए अत्यंत दु:खद है, भाजपा परिवार ने एक ऊर्जावान सदस्य को खोया है, गौतम लाल अंतिम सांसों तक आमजन व आदिवासियों के हितों की रक्षा करते रहे। डॉ. पूनियां ने गढ़ी पहुंचकर पूर्व मंत्री स्व. जीतमल खांट को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि, वागड़ क्षेत्र के हितों के रक्षक एवं पूर्व मंत्री जीतमल खांट का निधन हमारे लिये अत्यंत दु:खद है। जनजाति क्षेत्रवासियों के जीवन में नई मुस्कान लाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. जीतमल में कार्य के प्रति असीम समर्पण और निष्ठा थी। डॉ. पूनियां ने बांसवाडा में भवानी जोशी के भाई, गढ़ी में पूर्व प्रचारक स्व. नरेन्द्र सिंह, डूंगरपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता स्व. हीरालाल भील को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर इत्यादि जिलों के दो दिवसीय दौरे पर सतीश पूनियां ने कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों से स्वागत सत्कार करने से विनम्र निवेदन कर मना करते हुये कहा कि, स्वागत सत्कार में साफा एवं गिफ्ट में पैसा खर्च ना करके कोरोनाकाल में दिवंगत हुये कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई व बेटियों की शादी में आर्थिक मदद करने का आह्वान किया। मीडिया से बातचीत में डॉ. पूनियां ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की बुनियादी विकास की योजनाओं का सर्वाधिक लाभ आदिवासी क्षेत्र व तबके को मिला है। केन्द्र की जनधन, उज्ज्वला, पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, पीएम सम्मान किसान निधि इत्यादि योजनाओं से आदिवासियों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि, मोदी सरकार आदिवासियों के रोजगार सृजन की सुविधा के लिए 6 लाख करोड़ रुपये की क्षतिपूरक वनीकरण प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) के तहत कार्य कर रही है, जिसके जरिये शहरी क्षेत्रों सहित वनीकरण और वृक्षारोपण कार्य, वन प्रबंधन, मिट्टी और नमी संरक्षण कार्य, वन संरक्षण, वन और वन्यजीव संबंधी बुनियादी ढांचा विकास, और वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन इत्यादि कार्य किये जा रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रही महिलाओं को मोदी सरकार लोकल प्रोडक्ट्स की ब्रांड एंबेसडर बनाकर आत्मनिर्भर बना रही है, इसको लेकर सरकार स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। डॉ. पूनियां ने कहा कि, मोदी सरकार आदिवासी क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई के लिये स्कॉलरशिप योजना चला रही है, जनजातीय समुदायों का कौशल विकास, छात्र-छात्राओं के लिए आश्रम स्कूल, एकलव्य मॉडल स्कूल, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिये सुदूर आदिवासी गांवों को सड़कों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक के नाम पर ठगा है, आदिवासी क्षेत्रों में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया, 50 साल तक राज करने वाली कांग्रेस अगर आदिवासियों के लिये योजनाबद्ध तरीके से कार्य करती तो शायद आदिवासियों के जीवनस्तर में बहुत पहले ही सुधार हो जाता, वाजपेयी से लेकर 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन से आदिवासियों के जीवन स्तर में बुनियादी विकास के साथ तेजी से सुधार हुआ है। डॉ. पूनियां का कहना है कि, गहलोत सरकार के ढाई साल के शासन में आदिवासियों के लिये कोई विकास कार्य नहीं हुए, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, सड़क, ग्रामीण विकास को लेकर गहलोत सरकार जुमलेबाजी के अलावा कुछ नहीं कर पाई, सारी योजनाएं ठप पड़ी हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट में आदिवासियों के लिए ना कोई प्रावधान किये, ना योजनाओं को कारगर तरीके से लागू किया। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर

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