Bird flu spread in 11 districts of Rajasthan, 2522 deaths so far
Bird flu spread in 11 districts of Rajasthan, 2522 deaths so far
राजस्थान

राजस्थान के 11 जिलों में फैला बर्ड फ्लू का दायरा, अबतक 2522 परिन्दों की मौत

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जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान के झालावाड़ में पिछले दिनों बड़ी संख्या में मृत पाए गए कौओं के बाद बर्ड फ्लू का दायरा 11 जिलों तक फैल गया है। ये वे जिले हैं, जहां अब तक मृत पाए गए परिन्दों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी हैं। राहत यह है कि राजस्थान के 2500 पोल्ट्री फार्म में से किसी भी पोल्ट्री फार्म पर मुर्गियों में इस बीमारी के सिम्टम्स नहीं देखे गए हैं। अब तक प्रदेश के 30 जिलों में परिन्दों की असामयिक मौतें दर्ज हो चुकी हैं। पशुपालन विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार शनिवार शाम तक प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान 356 परिन्दे मृत मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 257 कौए हैं। इसके अलावा 29 कबूतर, 16 मोर व 54 अन्य पक्षी है। राज्य में परिन्दों की असामयिक मौतों का सिलसिला 25 दिसम्बर से शुरु हुआ था। तब से लेकर शनिवार तक राज्य के विभिन्न जिलों में 1963 कौए, 152 मोर, 122 कबूतर तथा 285 अन्य पक्षी दम तोड़ चुके हैं। अब तक प्रदेश के 21 जिलों से सैम्पल रेफरल लैब (निशाद) को भेजे जा चुके हैं, जहां से 11 जिलों के 45 सैम्पल पॉजिटिव पाए गए हैं। भोपाल स्थित रेफरल लैब से शनिवार को पाली, चित्तौडग़ढ़, बांसवाड़ा, दौसा, जैसलमेर एवं हनुमानगढ़ जिलों के पूर्व में भेजे गए सैम्पल्स की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं, जो पूर्व में पॉजिटिव थी। राजस्थान में अब तक 2522 परिन्दे असामयिक मौतों के शिकार हो चुके हैं। इनमें से जो 45 सैम्पल्स पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें कोटा के 8, बारां के 4, झालावाड़ के 5, बांसवाड़ा का 1, चित्तौडग़ढ़ के 9, हनुमानगढ़ के 2, जयपुर के 3, दौसा के 5, जैसलमेर के 2, पाली का 1 तथा सवाई माधोपुर के 5 सैम्पल्स शामिल हैं। राज्य में शनिवार शाम तक बीते 24 घंटों में कोटा में 37, बूंदी में 6, बारां में 22, झालावाड़ में 21, चित्तौडग़ढ़ में 3, राजसमंद, बाड़मेर व दौसा में 2-2, बीकानेर में 10, चूरु व श्रीगंगानगर में 7-7, जयपुर में 87, अलवर, अजमेर, जैसलमेर, धौलपुर व सीकर में 1-1, झुंझुनूं में 18, भीलवाड़ा में 20, नागौर में 13, कुचामन में 3, पाली व टौंक में 8-8, जोधपुर में 52, जालोर व सवाई माधोपुर में 5-5, सिरोही में 4, भरतपुर में 9 पक्षियों की मौतें दर्ज की गई हैं। बढ़ते बर्ड फ्लू के खतरे के बीच प्रदेश में चिकन और पॉल्ट्री व्यवसायी चिंता में है। चिकन व्यापारियों ने कहा कि बर्ड फ्लू की दहशत के कारण प्रति किलो चिकन में 70 रुपए तक की गिरवाट आई है, वहीं प्रति अंडा के दाम भी 50 पैसा गिर गए हैं। हालांकि मुर्गियों में बर्ड फ्लू की अबतक पुष्टि नहीं हुई है। पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा का कहना है कि सभी जिला पशुपालन अधिकारी और पोल्ट्री फार्म ऑनर्स और उनके एसोसिएशन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बर्ड फ्लू को लेकर जागरूक किया जा चुका है। उन्होंने मुर्गी पालन पर बर्ड फ्लू के किसी भी असर से इनकार किया है। राजस्थान में पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है। यह बीमारी सिर्फ कौओं में आई है, मुर्गियों में नहीं है। इसके पीछे वजह वायरस का स्ट्रेन हैं। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in