आसाराम का एम्स में ही जारी रहेगा इलाज, जमानत पर सुनवाई 21 तक स्थगित

 आसाराम का एम्स में ही जारी रहेगा इलाज, जमानत पर सुनवाई 21 तक स्थगित
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जोधपुर, 13 मई (हि.स.)। केंद्रीय कारागार में कोरोना संक्रमित होने के बाद जोधपुर एम्स में इलाज करा रहे आसाराम की याचिका पर गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आसाराम ने इलाज के लिए दो महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एम्स में ही आसाराम का इलाज करने के आदेश दिए हैं। एम्स की तरफ से बताया गया है कि कोरोना संक्रमित आसाराम की तबीयत में सुधार हो रहा है। उसका बीपी और ऑक्सीजन लेवल सामान्य बना हुआ है। एम्स की तरफ से पेश इस रिपोर्ट के बाद उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई 21 मई तक स्थगित कर दी गई। हाईकोर्ट ने 21 मई से पहले एम्स से उसके स्वास्थ्य को लेकर नई रिपोर्ट मांगी है। तब तक आसाराम को एम्स में ही रखा जाएगा। कोरोना संक्रमित होने के बाद आसाराम की ओर से अपनी अन्य बीमारियों का इलाज कराने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में जमानत याचिका पेश की थी। आसाराम की तरफ से इलाज कराने के लिए दाो महीने की अंतरिम जमानत देने की मांग की गई। इस पर हाईकोर्ट ने एम्स से आज आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने को कहा था। हाईकोर्ट में गुरुवाार काो न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छवाह की खंडपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई। ऑनलाइन हुई इस सुनवाई में आसाराम की तरफ से दिल्ली के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि आसाराम को हार्ट में तकलीफ है। साथ ही वे कई बीमारियों से परेशान है। ऐसे में वे आयुर्वेद पद्धति से अपना इलाज केरल जाकर कराना चाहते है। इस कारण मानवीय आधार पर जमानत दी जाए। राज्य सरकार की तरफ से जमानत का विरोध किया गया। वकील अनिल जोशी ने कहा कि एम्स की तरफ से पेश आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट में उसे किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं बताई गई है। फिलहाल उसका सिर्फ कोरोना संक्रमण का इलाज किया जा रहा है। वहीं कोरोना संक्रमित व्यक्ति को 14 दिन तक आइसोलेट रहना अनिवार्य है। ऐसे में जमानत दिए जाने का कोई आधार नहीं बनता। दोनों पक्ष के तर्क सुनने के बाद खंडपीठ ने अगली सुनवाई तिथि 21 मई तय कर दी। तब तक आसाराम के कोरोना संक्रमित होने के बाद के 14 दिन भी पूरे हो जाएंगे। साथ ही एम्स से उस दिन आसाराम के स्वास्थ्य की ताजा रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि आसाराम को जमानत दी जाए या नहीं। बता दे कि अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम का दूसरे बंदियों के साथ कोरोना सैंपल लिया गया था। पॉजिटिव आने के बाद आसाराम का ऑक्सीजन लेवल गिरना शुरू हो गया। बाद में उसे महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिर उसे सुरक्षा कारणों से जोधपुर एम्स में शिफ्ट कर दिया गया था। वहां आसाराम की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/संदीप

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