केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों की सलाह ; मरीज के सांस स्तर को सुधारने में मददगार है प्रोनिंग

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों की सलाह ; मरीज के सांस स्तर को सुधारने में मददगार है प्रोनिंग
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बीकानेर, 07 मई। (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों द्वारा यह सलाह दी गई है कि जिन कोविड मरीजों को सांस संबंधी दिक्कत हो और ऑक्सीजन स्तर 94 से नीचे आ जाए तो वे प्रोनिंग (पेट के बल लेटकर) करें, जिससे उनके फेफड़ों में रक्त का संचार बेहतर होगा। ऑक्सीजन आसानी से पहुँच सकेगी, यह प्रक्रिया मरीज के सांस स्तर को सुधारने में काफी मददगार साबित होगी। राजस्थान में बीकानेर कलेक्टर नमित मेहता ने शुक्रवार को प्रोनिंग प्रक्रिया की जानकारी से संबंधित स्टीकर का विमोचन किया। इस मौके पर नगर निगम कमिश्नर ए.एच.गौरी, एडीएम सिटी अरुण प्रकाश शर्मा, एडीएम प्रशासन बलदेवराम धोजक भी मौजूद थे। गौरी ने कहा कि कोविड मरीज, पेट के बल (प्रोनिंग) लेटकर अपना ऑक्सीजन स्तर सुधार सकें, इसके मद्देनजर जागरुकता के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा स्टीकर प्रकाशित किए गए हैं। निगम द्वारा यह स्टीकर ऑटो रिक्शा, वाहनों, दुकानों, चैराहों तथा प्रमुख स्थानों पर चस्पा करवाए जाएंगे, जिससे कोविड मरीजों में प्रोनिंग के माध्यम से ऑक्सीजन स्तर सुधारने की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जा सके। इस मौके यह भी बताया गया कि प्रोनिंग के लिए चार से पांच तकियों की जरूरत है। सबसे पहले रोगी बिस्तर पर पेट के बल लेटें। एक तकिया गर्दन के नीचे रखे। एक या दो तकिए छाती और पेट के नीचे बराबर में रखें। दो तकियों को पैर के पंजों के नीचे दबाकर रखें और ध्यान रखें इस दौरान कोविड रोगी को गहरी और लंबी सांस लेते रहना है। इस प्रक्रिया को 30 मिनट से 2 घंटे तक किया जा सकता है। भोजन के तुरन्त बाद प्रोनिंग से बचें। प्रक्रिया को करते समय घावों और चोट को ध्यान में रखें। गर्भावस्था में महिला प्रोनिंग न करें। गंभीर कार्डियक रोग से ग्रस्त मरीजए स्पाइन से जुड़ी परेशानी हो या फिर पेल्विक फैक्चर हो तो प्रोनिंग करने से नुकसान हो सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/ ईश्वर