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राजस्थान

मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी के लिए 38 हजार करोड़ के टेंडर जारी

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बाड़मेर, 23 फरवरी (हि. स.)। राजस्थान के पचपदरा में सबसे बड़े रिफाइनरी प्रोजेक्ट का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। करीब 45 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए 2021 में जनवरी से अब तक 38 हजार करोड़ के टेंडर जारी हो चुके हैं। बाड़मेर कलेक्टर विश्राम मीणा का दावा है कि रिफाइनरी के सारे प्रोजेक्ट तय सीमा के अंदर चल रहे हैं। यह रिफाइनरी प्रोजेक्टर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। रिफाइनरी प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा 2022 रखी गई है। उन्होंने बताया कि पूरे देश के करीब 30 फीसदी क्रूड ऑयल का उत्पादन बाड़मेर में हो रहा है। पिछले कई सालों से यहां के लोग रिफाइनरी की मांग कर रहे थे। इसको लेकर कई सालों तक विवाद भी चलता रहा, जिसके चलते प्रोजेक्ट डिले हो गया। 2013 में मुख्यमंत्री रहते हुए अशोक गहलोत ने रिफाइनरी प्रोजेक्ट का शिलान्यास सोनिया गांधी के हाथों से करवाया था, लेकिन जैसे ही प्रदेश में भाजपा की सरकार आई रिफाइनरी प्रोजेक्ट का काम लटक गया। राजे की सरकार ने कहा कि रिफाइनरी के लिए जो करार कंपनियों के साथ किए हैं वह राजस्थान के लिए नुकसानदायक हैं। इसके चलते दो-तीन साल तक प्रोजेक्ट लटका रहा। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। 2018 में वापस राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आई, तब से ही इस प्रोजेक्ट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मॉनिटरिंग करने के लिए कमेटी बना रखी है, जो लगातार इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रही है। कलेक्टर विश्राम मीणा के अनुसार रिफाइनरी प्रोजेक्ट में करीब 45 हजार करोड़ की लागत आएगी, जिसमें से 38 हजार करोड़ के टेंडर जारी हो चुके हैं। रिफाइनरी का काम समय सीमा में पूरा हो, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर