स्वामी जी का संदेश देता है जीवन को नई दिशा
स्वामी जी का संदेश देता है जीवन को नई दिशा
राजस्थान

स्वामी जी का संदेश देता है जीवन को नई दिशा

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अजमेर, 10 सितम्बर(हि.स.)। स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण 11 सितम्बर की 142 वें वर्ष की स्मृति में विश्व संवाद केंद्र, चित्तौड़ की ओर से स्वामी विवेकानंद जीवन दर्शन विषय पर फेसबुक लाइव का आयोजन किया गया। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ मार्कण्डेय आहूजा ने लाइव सेशन को संबोधित किया। डॉ मार्कण्डेय आहूजा ने कुछ समय पूर्व एक पुस्तक भी लिखी है जिसका शीर्षक है जीवन प्रबन्धन और स्वामी विवेकानंद। डॉ आहूजा ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण एवम उनके जीवन दर्शन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उस भाषण के बाद पूरी दुनिया में भारत की ओर देखने की दृष्टि ही बदल गई। युवाओं के लिए विवेकानंद स्वाभिमान के प्रतीक बन गए , विश्व शांति के लिए संकल्प बन गए। लोगों ने उनको इस भाषण के बाद देवदूत संत की संज्ञा दी। उन्होंने ब्रह्मचर्य, अभ्यास, तपस्या व एकाग्रता से असम्भव को संभव करना सिखाया। बहिनों का सम्मान व नारी वंदन करना सिखाया। उन्होंने बताया जहां नारी की पूजा होती हैं, वहां देवता निवास करते हैं। स्वामी जी ने कहा सबके अंदर सुप्त शक्तियां हैं, शिक्षा का उद्द्देष्य इन सुप्त शक्तियों को जागृत करना है। नई शिक्षा नीति 2020 स्वामी जी के उद्द्देष्य पूरे करने को सहायक होगी। उन्होंने भारतीय वेदांत से संसार को दर्शन कराया व धर्म ध्वजा पूरे संसार में फहराई। अपने अंदर की दान की प्रवृति जाग्रत करने की सीख भी स्वामी जी ने दी। नारी उत्थान, नारी शिक्षा को आवश्यक बताया। स्वामी जी ज्ञान के भंडार थे। स्वामी जी ने खेल-खेल में राष्ट्रीयता जागृत करने पर बल दिया। उनमें राष्ट्रीयता कूट कूट भरी थी। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/ ईश्वर-hindusthansamachar.in