सात दिन के भीतर पुन: प्रारम्भिक शिक्षा में पदस्थापित करने का आदेश
सात दिन के भीतर पुन: प्रारम्भिक शिक्षा में पदस्थापित करने का आदेश
राजस्थान

सात दिन के भीतर पुन: प्रारम्भिक शिक्षा में पदस्थापित करने का आदेश

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जोधपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दिनेश मेहता ने बीकानेर निवासी भवानीशंकर रतनू की रिट याचिका को स्वीकार करते हुए सेटअप परिवर्तन के आदेश को निरस्त कर दिया। भवानी शंकर रतनू बीकानेर में कोलायत तहसील के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जोगसिंह की ढाणी खाजोपुरा में अध्यापक पद पर कार्यरत थे जिनका राजस्थान शिक्षा अधीनस्थ सेवा नियम के नियम 6 डी के तहत पदस्थापन प्रारम्भिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा में करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा द्वारा राजकीय माध्यमिक विद्यालय भलूरी कोलायत कर दिया गया। विभाग के इस आदेश पर प्रार्थी द्वारा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। उच्च न्यायालय के समक्ष प्रार्थी के अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा ने यह तर्क प्रस्तुत किया कि नियम 6 डी के तहत यह प्रावधान है कि एक वरिष्ठता सूची बनाई जाएगी व उस वरिष्ठता सूची के अनुसार ही प्राथमिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा में सेटअप परिवर्तन होगा। वर्तमान वाद में प्रार्थी भवानी शंकर रतनू से वरिष्ठ तीन अध्यापक आज भी प्राथमिक शिक्षा में कार्यरत है इसके बावजूद प्रार्थी के कनिष्ठ होते हुए भी उसका पदस्थापन माध्यमिक शिक्षा में कर दिया गया है। प्रार्थी ने इस संदर्भ में जिला शिक्षा माध्यमिक शिक्षा बीकानेर को परिवेदना भी प्रस्तुत की लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा बीकानेर द्वारा इस पर कोई विचार नहीं किया व उसकी परिवेदना खारिज कर दी गयी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिवक्ता द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया कि प्रार्थी का किया गया सेटअप परिवर्तन उचित व वैध है। प्रार्थी के अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा ने यह तर्क प्रस्तुत किया कि विभाग द्वारा जो सेटअप परिवर्तन किया गया है वो दूषित मनमाना व राजस्थान शिक्षा अधीनस्थ सेवा नियम के 6डी की पूर्ण रूप से अवहेलना करते हुए जारी किया गया है जो नियम विरूद्व है। दोनो पक्षो के तर्को को सुनने के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय की एकलपीठ के न्यायाधीश ने प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत रिट याचिका को स्वीकार किया व प्रार्थी को पुन: माध्यमिक शिक्षा से प्रारम्भिक शिक्षा में 7 दिवस के भीतर पदस्थापित करने का आदेश पारित किया। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश / ईश्वर-hindusthansamachar.in