सरकार की दूसरी वर्षगांठ का दिन वादा खिलाफी दिवस के रूप में मनाएंगे कर्मचारी
सरकार की दूसरी वर्षगांठ का दिन वादा खिलाफी दिवस के रूप में मनाएंगे कर्मचारी
राजस्थान

सरकार की दूसरी वर्षगांठ का दिन वादा खिलाफी दिवस के रूप में मनाएंगे कर्मचारी

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जयपुर, 22 नवम्बर (हि.स.)। कांग्रेस सरकार की दूसरी वर्षगांठ, 17 दिसम्बर के दिन राज्य के कर्मचारी चुनाव पूर्व किए गए वादों को पूर्ण नहीं करने एवं दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी कर्मचारी महासंघ से उनकी मांगों पर बरती जा रही कोताही के विरोध में वादा खिलाफी दिवस के रूप में मनाएंगे। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने प्रांतीय वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सभी प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारी एवं जिलाध्यक्षों एवं घटक संगठनों से वार्ता की। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आयुदानसिंह कविया ने वीडियो कांफ्रेंस में राज्य सरकार को वादा खिलाफी सरकार बताया। महासंघ के प्रदेश महामंत्री तेजसिंह राठौड़ ने सरकार को कर्मचारियों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। बैठक में यह निर्णय किया गया कि 15 सूत्रीय मांग पत्र पर सरकार सकारात्मक रूख नहीं अपनाती है तो सरकार के विरूद्ध बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के अग्रिम चरण में 26 नवम्बर को राज्यभर के कर्मचारी भारत सरकार एवं राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में टूल डाउन हड़ताल कर विरोध दर्ज कराएंगे एवं प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देंगे। इसी तरह 17 दिसम्बर 2020 को सरकार की दूसरी वर्षगांठ के दिन राज्य के कर्मचारी चुनाव पूर्व किए गए वादों को पूर्ण नहीं करने एवं दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी कर्मचारी महासंघ से उनकी मांगों पर बरती जा रही कोताही के विरोध में वादा खिलाफी दिवस के रूप में मनाएंगे। महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केके गुप्ता ने बैठक में कर्मचारियों से सरकार के विरूद्ध बजट सत्र में बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने के लिए आह्वान किया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सरकार ने कोरोना के नाम पर पहले 2 दिन का वेतन काट लिया, फिर प्रतिमाह एक व दो दिन का वेतन लगातार काटने के आदेशों तथा मार्च 2020 का 15 दिवस का वेतन रोक लिया। परिणामस्वरूप राज्य कर्मचारियों ने पिछले दिनों राज्य के सभी विधायकों का घेराव कर कर्मचारियों की वेतन कटौती एवं बोनस देने का ज्ञापन दिया। साथ ही पूरे प्रदेश में सत्याग्रह कर जेल भरो आंदोलन चलाया, किन्तु सरकार ने वेतन कटौती एवं बोनस के आदेशों के अलावा कोई विशेष लाभ राज्य कर्मचारियों को नहीं दिया। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in