समाचार अपडेट.. रिटायर्ड आरएएस अफसर को भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़ा
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राजस्थान

समाचार अपडेट.. रिटायर्ड आरएएस अफसर को भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़ा

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समाचार अपडेट.. रिटायर्ड आरएएस अफसर को भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़ा दलाल को भी किया गिरफ्तार जोधपुर, 21 नवम्बर (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बीकानेर में अतिरिक्त आयुक्त उपनिवेशन के पद से रिटायर्ड आरएएस अधिकारी प्रेमाराम परमार को बाड़मेर में अपने निवास स्थान से भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। साथ ही पांच लाख रुपए की राशि भी बरामद की गई है। मामले में जैसलमेर से एक दलाल नजीर खान को भी हिरासत में लिया गया है। जमीन आवंटन के मामलों में चल रही पुरानी फाइलों को बैकडेट में क्लीयर करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। रिटायर्ड आरएएस अफसर के जोधपुर स्थित निवास स्थान से अंगे्रजी शराब की बोतलें मिली है जिस पर बोरानाडा थाने में अलग से आबकारी अधिनियम में प्रकरण दर्ज हुआ है। साथ ही जोधपुर स्थित निवास से लाखों रुपए की नकदी, जेवरात और शेयर बाजार तथा प्रॉपर्टी में निवेश के दस्तावेज जब्त भी जब्त किए गए है। वह 31 अक्टूबर को ही रिटायर हुआ है। एसीबी के डीआईजी डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि अतिरिक्त सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी आयुक्त उपनिवेशन विभाग (अपील) बीकानेर प्रेमाराम परमार को भूतपूर्व सैनिकों तथा पौंग विस्थापितों को आवंटित की गई जमीनों में दलाल नजीर खान के माध्यम से 5 लाख रुपए की राशि प्राप्त करते हुए निरूद्ध किया गया है। वह गत माह 31 अक्टूबर को कॉलोनाइजेशन डिपार्टमेंट से एडिशनल कमिश्नर पद से सेवानिवृत्त हुआ था। ब्यूरो टीम की ओर से प्रेमाराम के जयपुर स्थित आवास से 8 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई जबकि जोधपुर आवास से 7.72 लाख रुपए की नकदी, बीस लाख रुपए के गहने, जालोर में पत्नी के नाम से एग्रीकल्चर लैंड के कागजात बरामद किए। इसके साथ एलएण्ड टी कंपनी के शेयर, साले के नाम से 65 लाख रुपए का फ्लैट और 30 लाख रुपए से अधिक के कीमती आइटम बरामद होना सामने आया है। वहीं जोधपुर में उसके घर से अंगे्रजी शराब की विभिन्न ब्रांड की डेढ़ दर्जन बोतलें भी जब्त की गई। इसमें विदेशी और महंगी शराब भी शामिल है। इस बारे में बोरानाडा थानाधिकारी किशनलाल ने बताया कि सूचना पर पुलिस ने शराब की बोतलों को बरामद किया है। इस संबंध में आबकारी अधिनियम में केस दर्ज हुआ है। दरअसल सरकार ने जमीनों की देखरेख और उनको सही हाथों में बिना परेशानी सौंपने के लिए कॉलोनाइजेशन डिपार्टमेंट को यह जिम्मेदारी दी थी। डिपार्टमेंट में प्रेमाराम परमार आरएएस लगे हुए थे। इनके पास ही यह जिम्मेदारी थी लेकिन प्रेमाराम ने दलाल नजीर खान के साथ मिलकर बड़ा खेल कर दिया। दलाल नजीर खान अफसर प्रेमाराम की मदद से इन जमीनों को विस्थापितों से औने-पौने दामों में खरीद लेता और बाद में जमीनों को बड़े दामों में बेचता। इसके लिए जिस सरकारी कागजी कार्रवाई की जरुरत होती वह कार्रवाई अफसर प्रेमाराम करते और जिन बोगस ग्राहकों की जरुरत होती उनका इंतजाम नजीर खान करता। इस तरह से बाद मे जमीनों को बेचकर दोनों कमीशन बांटते थे। प्रेमाराम 31 अक्टूबर को रिटायर हुए। इससे पहले उन्होंने बड़ी संख्या में इस तरह की जमीनों फाइलें निपटाई थीं। इन फाइलों के निस्तारण के बाद गलत तरीके से जमीनें बेची जा रही थी और लगभग हर दूसरे दिन लाखों रुपए कमीशन आ रहा था। देर रात बाड़मेर में नजीर खान ने प्रेमाराम को उसके आवास पर पांच लाख रुपए दिए थे। यह रुपए एसीबी ने बरामद कर लिए और पे्रमाराम को पकड़ लिया। उधर नजीर खान जो जैसेलमेर भाग गया था उसे भी सवेरे पकड़ लिया गया। अब दोनों के कच्चे चिट्ठे खोले जा रहे हैं। एसीबी ने बिछाया था जाल, अब पकड़ में आया: एसीबी को कुछ दिन पहले इस मामले की जानकारी मिली तो एउसे ट्रेप करने के लिए जाल बिछाया और देर रात उसे जाल में फंसा भी लिया। उसके बाद अफसर प्रेमाराम के जयपुर, जोधपुर और बाड़मेर स्थित मकान की तलाशी ली गई तो वहां से जमीन, मकान, दुकान, सोना-चांदी, कैश, महंगी शराब, महंगे उपहार और भी बहुत कुछ मिला। जयपुर स्थित मकान से करीब आठ लाख रुपए, जोधपुर से करीब 7.72 लाख रुपए कैश, बीस लाख के गहने, जालोर में पत्नी के नाम से 36 बीघा फार्म हाउस, बड़ी कम्पनियों के शेयर, परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से एक करोड़ रुपए से ज्यादा के मकान, फ्लेट, जोधपुर स्थित मकान से बेहद महंगी और बहुत सारी अवैध शराब भी मिली है। इसके लिए बोरनाड़ा थाना जोधपुर में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है और आबकारी विभाग को भी लिखा गया है। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/ ईश्वर-hindusthansamachar.in