विधायक के तौर पर बंगले पर काबिज हैं राजे, अवमानना याचिका का करें निस्तारण
विधायक के तौर पर बंगले पर काबिज हैं राजे, अवमानना याचिका का करें निस्तारण
राजस्थान

विधायक के तौर पर बंगले पर काबिज हैं राजे, अवमानना याचिका का करें निस्तारण

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जयपुर, 10 सितम्बर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट में गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने के मामले में शपथ पत्र पेश कर कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बतौर विधायक बंगले पर काबिज हैं। ऐसे में अवमानना याचिका में कार्रवाई को समाप्त किया जाए। जिसे रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई 12 जनवरी तक टाल दी है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सीके सोगनरा की खंडपीठ ने यह आदेश मिलाप चंद डांडिया की अवमानना याचिका पर दिए। मुख्य सचिव की ओर से पेश शपथ पत्र में कहा गया कि अदालती आदेश की पालना में राजस्थान मंत्री वेतनमान अधिनियम, 2017 के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गई सुविधाएं वापस ली जा चुकी है। वहीं गत एक अगस्त को राजस्थान विधानसभा सदस्यों को निवासीय सुविधा नियम,1973 में संशोधन किया गया है। जिसके तहत जो प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा हो, केन्द्र का केबीनेट मंत्री रहा हो, राज्य मंत्री व केन्द्र में कम से कम तीन बार सदस्य रहा हो, राज्य का केबीनेट मंत्री रहा हो और कम से कम दो बार सदस्य रहा हो या कम से कम दो बार सांसद रहा हो को गृह समिति आवास आवंटित कर सकती है। इस संशोधन के आधार पर गत 18 अगस्त को वसुंधरा राजे सहित अन्य को बतौर विधायक आवास आवंटित किया गया है। ऐसे में अवमानना याचिका की कार्रवाई को समाप्त किया जाए। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विमल चौधरी और योगेश टेलर ने कहा कि 4 सितंबर 2019 को अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने के संबंध में किए गए प्रावधानों को रद्द कर दिया था। इसके बावजूद पूर्व सीएम राजे से बंगला खाली नहीं कराया गया। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर-hindusthansamachar.in