विद्यार्थियों से निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप केवल ट्यूशन फीस ही वसूल सकेंगे निजी स्‍कूल
विद्यार्थियों से निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप केवल ट्यूशन फीस ही वसूल सकेंगे निजी स्‍कूल
राजस्थान

विद्यार्थियों से निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप केवल ट्यूशन फीस ही वसूल सकेंगे निजी स्‍कूल

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जयपुर, 28 अक्टूबर(हि.स.)। राज्य सरकार ने राजस्थान उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के मद्देनजर बुधवार को गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं द्वारा शैक्षणिक सत्र 2020-21 में फीस वसूल की जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थियों से केवल शिक्षण शुल्क यानि ट्यूशन फीस ही ली जाएगी और यह शुल्क शिक्षण हेतु निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप होगा। जैसे सीबीएसई द्वारा कक्षा 9 से 12 के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत कटौती कर 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस तरह ली जाने वाली फीस गत सत्र में लिए जाने वाले शिक्षण शुल्क का 70 प्रतिशत ही होगी। वहीं राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 9 से 12 के लिए 40 प्रतिशत पाठ्यक्रम में कटौती कर 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस तरह लिया जाने वाला शुल्क गत सत्र में लिए जाने वाले शिक्षण शुल्क का 60 प्रतिशत ही होगा। माध्यमिक शिक्षा राजस्थान निदेशक सौरभ स्वामी की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में कोरोना महामारी की स्थितियों के मद्देनजर वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को विद्यालयों में बुलाने का निर्णय नहीं किया गया है अतः इस संदर्भ में जब भी निर्णय लिया जाएगा तथा जितना पाठ्यक्रम संक्षिप्त किया जाएगा, उसी के अनुपातिक रूप में लिए जाने शुल्क तय किया जाएगा। इसके अलावा अभिभावकों को मासिक अथवा त्रैमासिक भुगतान का विकल्प उपलब्ध करवाया जाएगा। आदेश के अनुसार विद्यालय में यूनिफार्म को भी बदला नहीं जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों द्वारा जिन सुविधाओं का उपयोग नहीं किया जा रहा है जैसे लैब, स्पोर्ट्स पुस्तकालय, सह शैक्षिक गतिविधियां, विकास शुल्क आदि के संबंध में विद्यार्थियों से कोई शुल्क वसूल नहीं किया जाएगा। वहीं परिवहन का उपयोग करने पर शुल्क लिया जा सकेगा, लेकिन यह गत सत्र से ज्यादा नहीं होगी। आदेश के अनुसार विद्यालयों के खोले जाने से पूर्व स्कूलों द्वारा किया जा रहा ऑनलाइन शिक्षण कार्य हेतु नियत किए जाने वाले शुल्क का नाम कैपेसिटी बिल्डिंग शुल्क होगा। यह शुल्क विद्यालय द्वारा उस कक्षा विशेष में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित शिक्षण शुल्क को साठ प्रतिशत होगा। इस ऑनलाइन शिक्षण के लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक होगी तथा सहमति से ही कैपेसिटी बिल्डिंग शुल्क लिया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप / ईश्वर-hindusthansamachar.in