रेल बचाओ देश बचाओ आंदोलन के तहत सेमिनार
रेल बचाओ देश बचाओ आंदोलन के तहत सेमिनार
राजस्थान

रेल बचाओ देश बचाओ आंदोलन के तहत सेमिनार

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अजमेर, 16 सितम्बर (हि.स.)। ऑल इंडिया रेलवे मैन्स फैडरेशन एवं नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉइज यूनियन के संयुक्त आह्वान पर रेल बचाओ.देश बचाओं आन्दोलन के तहत जनजागरण एवं विरोध सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को यूनियन के मंडल कार्यालय के सभागार में भारतीय रेल का निजीकरण देश हित में नहीं विषय पर परिचर्चा सेमिनार का आयोजन किया गया। यूनियन के मंडल सचिव ने बताया कि अजमेर शहर के प्रतिष्ठित 18 गैर राजनीतिक संगठन, संस्थाओं के 50 प्रतिनिधियों को इस सेमिनार में आमंत्रित कर रेलवे के निजीकरण पर खुलकर संवाद किया गया। मंडल सचिव अरुण गुप्ता ने बताया कि बुधवार को आयोजित सेमिनार में पीयूसीएल अजमेर, प्रेसक्लब, लॉयन्स क्लब (आस्था) महावीर इंटरनेशनल, अजमेर व्यापारिक महासंघ, स्टेशन रोड व्यापारिक संघ, महिला जाग्रति मंच, अजमेरू लेडीज सोशल सोसाईटी, छात्र संगठन एनएसयूआई, छात्र संगठन एबीवीपी, श्री अग्रवाल पंचायत बोर्ड, अजमेर सिंधी समाज, हरिभाऊ एक्स आवासीय योजनाएं, पंचशील आवासीय योजना, यात्री उपभोगता मंच, एल,आई, सी, श्रमिक संगठन एवं राज्य कर्मचारी संघ आदि संगठनों ने अपनी उपस्थित दर्ज करवाई और अपने विचार पक्ष और सुझाव रखे। परिचर्चा में मंडल सचिव अरुण गुप्ता एवं मंडल अध्यक्ष मोहन चेलानी ने भारतीय रेल के विषय में आंकडों के साथ जानकारी उपस्थित पदाधिकारियों को दी। वहीं भारतीय रेलवे को रोजगार सृजन का मूल आधार और विश्व का सबसे बड़ा यातायात तंत्र बताया। उन्होंने कहा कि देश की गरीब एवं मध्यमवर्गीय जनता का सबसे सुगम, सुरक्षित एवं सस्ता यातायात साधन है। वह रेलवे हैं और देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी की मूलभूत आवश्यकता है। परिचर्चा में संस्था,संगठन के डीएल त्रिपाठी, आनन्दकर, पूजा, सुमित पुटटी, नवीन सोनी, रमेश लालवानी, आदीति, संदीप गोयल,सोहन, कांतिलाल शर्मा, बालेश गोहिल, संदीप, गिरधारी तेजवानी, दिनेश, पदमचन्द, सुरेश कुमार जैन आदि ने तथ्यों के साथ अपने पक्ष को मजबूती के साथ रखा और भारतीय रेलवे के निजीकरण को देश की जनता के लिए बेहद घातक बताते हुए रेलवे यूनियन के इस आन्दोलन को समर्थन देने की बात कही। यूनियन के जोनल अध्यक्ष भूपेंद्र भटनागर ने बताया कि केंद्र सरकार रेलवे को बेचने की तैयारी में है। सभी कर्मचारी संगठन मिलकर इसका विरोध कर रहे है अब आम जनता से भी इसमें सहयोग मांगा जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेलवे को घाटे में दिखाकर उसे प्राइवेट लोगों के हाथ में सौंपने की तैयारी की जा रही है।यह आम जनता ओर समस्त रेल कर्मचारियों के साथ धोखा होगा। जन जागरण सप्ताह की अगली कड़ी में गुरुवार को यूनियन के लोग सांसद और विधायकों के साथ ही धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मिलकर सहयोग मांगेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/संदीप-hindusthansamachar.in