राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन
राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन
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राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन

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जयपुर, 15 सितम्बर(हि.स.)। राज्य में राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया गया है। यह ट्रस्ट प्रदेश में उपलब्ध खनिज भण्डारों की वैज्ञानिक तरीके से खोज व खनन में आधुनिक तकनीक का उपयोग, अनुसंधान, शोध, कौशल विकास व राजस्व बढ़ोतरी सहित इससे जुड़ी गतिविधियों के बेहतर संचालन और मोनेटरिंग करेगा। इस ट्रस्ट के संचालन के लिए खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय संचालक मण्डल (गवर्निंग बाॅड़ी) बनाया गया हैं वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव खान व पेट्रोलियम डाॅ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कार्यकारी समिति (एक्जिक्युटिव कमेटी) बनाई गई है। खान व पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने मंगलवार को बताया कि राजस्थान देश में खनि उत्पादन मूल्य में 20.26 प्रतिशत हिस्सेदारी निभा रहा है जबकि खोज एवं सर्वेक्षण मेें देश में सबसे कम राशि व्यय की जा रही है। मुख्यमंत्री गहलोत की मंशा के अनुसार विभाग द्वारा दूरगामी सोच के साथ आरएसएमई ट्रस्ट बनाया गया है। इस ट्रस्ट के गठन का मुख्य उद्देश्य राज्य में खनिज संपदा की खोज, खनिज संसाधनों का विकास और आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीक से दोहन कर अधिक से अधिक उत्पादन व प्रदेश के लिए राजस्व को बढ़ाना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि आरएसएमईटी द्वारा प्रदेश में खनिज संसाधनों के नियोजित अन्वेषण व उत्खनन के लिए लघु, मध्य और दीर्घकालीन विजन और योजना तैयार की जाएगी, इसके साथ ही अन्वेषण का मास्टर प्लान और उपलब्ध संसाधनों का विस्तृत अन्वेषण और वर्गीकरण करवाया जाएगा। वन क्षेत्र में खनि संपदा की खोज के लिए वन (कंजरवेसन) अधिनियम 1980 के तहत अनुमति प्राप्त की जाएगी। भूवैज्ञानिक, जमीन और हवाई सर्वेक्षण और स्पष्ट भूवैज्ञानिक संभावित क्षेत्रों के भू रासायनिक सर्वेक्षण की सुविधा के लिए, खनिज विकास, सतत खनन की उन्नत वैज्ञानिक तकनीक को अपनाने और खनिज निष्कर्षण धातु विज्ञान का अध्ययन करवाया जाएगा। निजी क्षेत्र के खनिज उत्पादों व अयस्कों की गुणवत्ता आदि की रासायनिक, भौतिक परीक्षण और विश्लेषण द्वारा आकलन किया जा सकेगा। डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि खोज कार्य को गति देने और खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी में ड्रोन, सर्वेक्षण आदि का उपयोग किया जाएगा जिससे अवैद्य खनन गतिविधियों पर अंकुश भी लग सकेगा। डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के लिए अप्रधान खनिजों पर ली जा रही राॅयल्टी पर दो प्रतिशत सेस राशि और अवैद्य खनन से प्राप्त राजस्व की दस प्रतिशत राशि से एक कोष बनाया जाएगा। राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की 9 सदस्यीय संचालक मण्डल (गवर्निंग बाॅडी) के अध्यक्ष खान एवं पेट्रोलियम मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया होंगे और एसीएस फायनेंस, वन एवं पर्यावरण, राजस्व, प्रबंध संचालक आरएसएमएमएल, जियोलाॅजिकल सर्वे आफ इण्डिया के राजस्थान इकाई के उप महानिदेशक, राज्य के निदेशक माइन्स एवं भूगर्भ, मिनरल एक्सप्लोरेशन कारपोरेशन के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइन्स एवं पेट्रोलियम इसके सदस्य सचिव होंगे। गवर्निंग बाॅडी की साल में कम से कम एक बार मीटिंग अवश्य होगी। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/ ईश्वर-hindusthansamachar.in