राजस्थान के 9 जिले होंगे 70 दिन की नहरबंदी से प्रभावित, गर्मियों में हो सकती है पानी की किल्लत
राजस्थान के 9 जिले होंगे 70 दिन की नहरबंदी से प्रभावित, गर्मियों में हो सकती है पानी की किल्लत
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राजस्थान के 9 जिले होंगे 70 दिन की नहरबंदी से प्रभावित, गर्मियों में हो सकती है पानी की किल्लत

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बीकानेर, 23 दिसम्बर (हि.स.)। विश्व की सबसे बड़ी मानव निर्मित इंदिरा गांधी नहर पर ही पेयजल के लिए निर्भर राजस्थान के नौ जिले 70 दिनों की नहरबंदी से प्रभावित हो सकते हैं। यानि यूं कहें कि अगले वर्ष की गर्मी में पानी की किल्लत का सामना इन जिलों को करना पड़ सकता है। हालांकि पड़ौसी राज्य पंजाब ने अपने हिस्से की नहर मरम्मत का कार्यक्रम कर दिया है। मार्च के तीसरे हफ्ते में 70 दिनों की नहरबंदी की जाएगी। राज्य के नौ जिले पानी के संकट का सामना कर सकते हैं। और तो और इन्हीं 9 जिलों में एक भी जिला ऐसा नहीं है जहां 20 दिन से अधिक जल भंडारण किया जा सके। नहरबंदी से प्रभावित होने वाले जिलों में बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू, हनुमानगढ़, नागौर, झून्झूनूं, जोधपुर और बॉर्डर एरिया के श्रीगंगानगर का कुछ हिस्सा शामिल है। बताया जा रहा है कि बीकानेर और जोधपुर शहर को ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ सकती है क्यूंकि 20 दिन से ज्यादा जल भंडारण की क्षमता इन दोनों जिलों में नहीं है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल का कहना है कि हरिके बैराज से नहर में 70 दिनों तक पानी तो आएगी लेकिन नहरबंदी के शुरुआत के 40 दिनों तक बीकानेर के अलावा अन्य सभी जिलों को पानी मिलेगा क्योंकि विभाग की नहर में ही 40 दिनों का पानी जमा करके रखा जाएगा। शुरु के 40 दिनों तक तो पानी मिलेगा लेकिन आगे के 30 दिनों तक पानी नहीं मिलेगा। 42 किलोमीटर नहर दुरुस्ती पर 200 करोड़ होंगे खर्च इंदिरा गांधी नहर की राजस्थान सीमा में लगभग 42 किलोमीटर नहर दुरुस्तीकरण होगा और उस पर 200 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। नहर अभियंता कहते हैं कि राज्य में सिर्फ लाइनिंग ठीक होने का काम है। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/संदीप-hindusthansamachar.in