मेडिकल पीजी काउन्सलिंग को रद्द करने का आदेश निरस्त
मेडिकल पीजी काउन्सलिंग को रद्द करने का आदेश निरस्त
राजस्थान

मेडिकल पीजी काउन्सलिंग को रद्द करने का आदेश निरस्त

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जयपुर,17 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्टेट कोटे की पीजी सीटों पर एडमिशन के लिए पहले राउंड की काउन्सलिंग को रद्द करने के एकलपीठ गत 15 जून के आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने पहले राउंड की काउन्सलिंग को विधि सम्मत मानते हुए राज्य सरकार को दूसरे राउंड की काउन्सलिंग शुरू करने की छूट दी है। अदालत ने कहा कि ईडब्ल्यूएस के लिए बढ़ाई गई 89 सीटों को दूसरे राउंड की काउन्सलिंग में शामिल किया जाए। मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की ओर से दायर अपील को स्वीकार करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में माना कि एकलपीठ ने ईडब्ल्यूएस के आरक्षण को वर्गवार देने को लेकर गलत व्याख्या की है। इसके साथ ही अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि एकलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता बिना आपत्ति पहले राउंड की काउन्सलिंग में शामिल हुए थे। वहीं खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को याचिकाकर्ताओं सहित अन्य पर समान रूप से लागू करने को भी गलत माना है। राज्य सरकार की ओर से अपील में कहा गया कि एकलपीठ ने पहले राउंड की काउन्सलिंग को रद्द करते हुए ईडब्ल्यूएस की बढ़ाई गई 89 सीटों को शामिल करते हुए पुन: काउन्सलिंग करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा एकलपीठ ने भविष्य में ईडब्ल्यूएस को वर्गवार दस फीसदी आरक्षण देने को भी कहा था। जबकि यह बिन्दु एकलपीठ के समक्ष विचारणीय ही नहीं था। वहीं 89 सीटों को द्वितीय काउन्सलिंग में शामिल किया जा सकता है। गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं ने ईडब्ल्यूएस के लिए बढ़ाई 89 सीटों को पहले चरण की काउन्सलिंग में शामिल नहीं करने को चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने काउन्सलिंग को रद्द कर 89 सीटों को शामिल करते हुए पुन: काउन्सलिंग के आदेश देते हुए भविष्य में ईडब्ल्यूएस को वर्गवार आरक्षण देने को कहा था। हिन्दुस्थान समाचार/पारीक/संदीप-hindusthansamachar.in