मानसूनी हलचल कमजोर पडऩे से तापमापी में दोबारा चढ़ रहा पारा
मानसूनी हलचल कमजोर पडऩे से तापमापी में दोबारा चढ़ रहा पारा
राजस्थान

मानसूनी हलचल कमजोर पडऩे से तापमापी में दोबारा चढ़ रहा पारा

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जयपुर, 10 सितम्बर (हि.स.)। राजस्थान में मानसूनी हलचल कमजोर पडऩे के कारण जिलों में बारिश का दौर मद्धम पड़ गया है। मौसम विभाग ने चेताया है कि मानसून की टर्फ लाइन अभी अमृतसर, करनाल, मेरठ, बरेली, वाराणसी, डाल्टनगंज, बांकुड़ा, दीघा से होकर पूर्व और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी की तरफ है। इस कारण राजस्थाान में बारिश की गतिविधि कमजोर रहेगी। पूर्वी राजस्थान में 14-15 सितंबर तथा पश्चिमी राजस्थान में 15-16 सितंबर से दोबारा बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश के अभाव में अब प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी का दौर शुरू हो गया है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही सूर्यदेव ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। श्रीगंगानगर में पारा 39.7 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच चुका है। जयपुर में भी तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। राजधानी जयपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। अजमेर का अधिकतम तापमान 35, डबोक 34, बाड़मेर 36.1, जैसलमेर 37.2, जोधपुर 35.8, बीकानेर 39.5, चूरू 38.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जयपुर, अजमेर व टोंक शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में इस साल पर्याप्त पानी नहीं आ पाया है। पिछले साल अच्छी बारिश के बाद अगस्त महीने में ही बांध पूरा भर गया था और बांध के गेट खोलकर कई दिनों तक पानी की निकासी करनी पड़ी थी, लेकिन इस बार बांध में पानी की आवक कम होने से बांध करीब 36 फीसदी खाली है। पिछले कुछ दिन से बांध के जलस्तर में 24 घंटे में दो से तीन सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार सुबह बांध का जलस्तर 313.50 आरएल मीटर रहा। वर्ष 2006 के बाद सात साल तक बांध पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण ओवरफ्लो नहीं हुआ। उसके बाद 2014 में बांध ओवरफ्लो हुआ। इसके बाद 2016 और 2019 में बांध ओवरफ्लो हुआ। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 10 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। पश्चिमी राजस्थान में 324.2 मिमी बारिश हुई है जो सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक है। पूर्वी राजस्थान में 557.7 प्रतिशत बारिश हुई है जो सामान्य से एक प्रतिशत कम है। वहीं राजस्थान में 427.5 प्रतिशत बारिश हुई है जो सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in