मानसिक बीमार महिला को सात दिन में पुनर्वास केन्द्र भेजना सुनिश्चित करे सरकार
मानसिक बीमार महिला को सात दिन में पुनर्वास केन्द्र भेजना सुनिश्चित करे सरकार
राजस्थान

मानसिक बीमार महिला को सात दिन में पुनर्वास केन्द्र भेजना सुनिश्चित करे सरकार

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जयपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए है कि वह भीलवाडा के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती मानसिक बीमार महिला को सात दिन में जामडोली के पुनर्वास केन्द्र में भर्ती करना सुनिश्चित करे। इसके साथ ही अदालत ने महिला की उचित देखरेख के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक को उसका प्रतिनिधि बनाया है। न्यायाधीश महेन्द्र गोयल ने यह आदेश पीडित महिला की ओर से अधिवक्ता शालिनी श्योराण की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया कि भीलवाडा में साठ साल की मानसिक बीमार महिला लावारिस हालत में मिली थी। जिसे वहां के एमजीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला का इलाज करने वाले मनोरोग विभाग के आचार्य ने उसकी उचित देखभाल और पुनर्वास की जरुरत बताते हुए भीलवाडा विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र भेजा। जिसे प्राधिकरण ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में भेज दिया। याचिका में कहा गया कि मेंटल हेल्थकेयर अधिनियम, 2017 के तहत मानसिक बीमार को उचित इलाज, पुनर्वास और अभिरक्षा का अधिकार है। मामले में महिला की मानसिक स्थिति का परीक्षण भी नहीं हो पाया, क्योंकि वह कोई भी भाषा नहीं समझ पा रही है। इसलिए उसके पुनर्वास और इलाज के लिए जामडोली स्थिति पुनर्वास केन्द्र में भेजा जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने महिला को सात दिन में पुनर्वास केन्द्र में भेजना सुनिश्चित करने को कहा है। हिन्दुस्थान समाचार/पारीक/संदीप-hindusthansamachar.in