महिला की पित्त नली से निकाला 13 सेमी लंबा जिंदा कृमी
महिला की पित्त नली से निकाला 13 सेमी लंबा जिंदा कृमी
राजस्थान

महिला की पित्त नली से निकाला 13 सेमी लंबा जिंदा कृमी

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- चर्म रोग व असहनीय पेट दर्द की शिकायत से परेशान थी महिला, ऑपरेशन के बाद मिली राहत बूंदी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. अनिल सैनी ने एक सफल ऑपरेशन कर नाड़ाहेत गांव में रहने वाली एक महिला की पित्त नली से 13 सेंटीमीटर लंबा जिंदा कृमी निकला है। यह महिला पिछले तीन महिने से चर्म रोग से पीडि़त थी जिसका कई स्थानों पर इलाज कराने के बावजूद उसे बीमारी से राहत नहीं मिल रही थी। इसी दौरान पिछले सप्ताह उसे असहनीय पेट दर्द की शिकायत भी होने लगी। इस पर उसके पति नितेश मीणा ने जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. सैनी को दिखाया तो उन्होंने सोनोग्राफी कराने को कहा। इसके बाद जिला अस्पताल में उसकी सोनोग्राफी करवाई गई तो सोनोलोजिस्ट डॉ. रहीम अंसारी ने उसकी पित्त नली में कृमी होना बताया। इसके बाद डॉ. सैनी ने 13 अक्टूबर को उसका ऑपरेशन किया और जिंदा कृमी को बाहर निकाला। पिछले दो दिन से वह अस्पताल में ऑब्जर्वेशन में चल रही है जहां उसकी हालत में सुधार है। डॉ. सैनी ने कहा कि पित्त नली में कृमी होने के कारण उसे कोई दवा असर नहीं कर रही थी। साथ ही यह कृमी बेहद तेज पेट दर्द का भी कारण बना हुआ था। सामान्यतया यह कृमी आंतों में पाया जाता है। पित्त नली (कॉमन बाइल डक्ट) में कृमी मिलना अपने आप में दुर्लभ बात है। महिला का ऑपरेशन सफलता पूर्वक हो गया है। अब वह थोड़ा अल्पाहार लेने लगी है। ऑपरेशन के बाद उसके पेट दर्द और चर्म रोग में आराम आया है। उन्होंने कहा कि इस केस को इंटरनेशनल और नेशनल सर्जिकल जनरल (चिकित्सा क्षेत्र की संस्था) में भेजा जाएगा। ऑपरेशन करने वाली टीम में सर्जन डॉ. अमर शर्मा, डॉ. पुरुषोत्तम (एनेस्थिसिया), मेलनर्स मुकेश सैन आदि शामिल थे। इसलिए होता है कृमी: डॉ. सैनी ने कहा कि गंदे पानी पीने और कच्ची सब्जियां खाने से कई बार कृमी के अंडे पेट में चले जाते हैं। जो आंत में धीरे धीरे बड़े होते रहते हैं। चिकित्सकीय भाषा में इसे एसकेरिस बोला जाता है। प्रियंका ने भी किसी ऐसी ही वस्तु का सेवन किया होगा जिससे कृमी का अंडा शरीर में चला गया। उसके बाद यह अंडा कृमी बनकर आंत से पोर्टल वेन में होता हुआ लीवर तक पहुंचा और वहां से पित्त नली में आ गया। पित्त नली में होने के कारण पेट में अत्यधिक दर्द उत्पन्न कर रहा था। उन्होंने लोगों को कच्ची सब्जियां खाने से पहले अच्छी तरह धोने व स्वच्छ पानी पीने की सलाह दी है ताकि इस तरह की परेशानी से बचा जा सके। हिन्दुस्थान समाचार/रवि कसेरा/ ईश्वर-hindusthansamachar.in