मर्ज सरकारी स्कूलों के बंद भवनों में चलेगी सहकारी संस्थाओं की गतिविधियां
मर्ज सरकारी स्कूलों के बंद भवनों में चलेगी सहकारी संस्थाओं की गतिविधियां
राजस्थान

मर्ज सरकारी स्कूलों के बंद भवनों में चलेगी सहकारी संस्थाओं की गतिविधियां

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जयपुर, 12 सितम्बर (हि. स.)। राज्य में मर्ज होने के बाद बंद हो चुकी सरकारी स्कूलों के भवनों में आगामी दिनों में सहकारिता विभाग की गतिविधियां शुरु हो सकती है। सहकारिता विभाग ने हाल ही में प्रदेश की सभी सहकारिता संस्थाओं को भवन की जरुरत होने पर प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भिजवाने के निर्देश दिए हैं। विभाग के शासन सचिव कुंजीलाल मीणा ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक में किराये के भवनों में चल रही केंद्रीय सहकारी बैंकों की शाखाओं के साथ अन्य सहकारी संस्थाओं के भवनों को लेकर चिंता जाहिर की थी। बैठक में ही यह प्रस्ताव निकला कि गुजरे दिनों प्रदेश में मर्ज हुई स्कूलों के भवनों का उपयोग इसके लिए किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने के लिए सहकारिता विभाग के शासन सचिव व रजिस्ट्रार ने सभी संयुक्त रजिस्ट्रार व उप रजिस्ट्रार को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने बंद स्कूलों के भवन सहकारी संस्थाओं के नाम दर्ज करवाने के लिए जिला कलेक्टरों से संपर्क करने को कहा है। राज्य में बीते दिनों करीब पांच हजार स्कूल मर्ज हो चुके हैं। ज्यादातर स्कूलों के इन भवनों का अभी कोई उपयोग नहीं हो रहा है। इसलिए बंद स्कूलों के भवनों को सहकारी संस्थाओं को देने के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों के यहां आवेदन किए जाएंगे। बंद स्कूलों के भवन सहकारिता विभाग को मिलने पर इनमें जिन केंद्रीय सहकारी बैंकों की शाखाएं किराये के भवन में संचालित है, उन्हें संचालित किया जाएगा। इसके अलावा सहकारी संस्थाओं के कार्यालय खोले जाएंगे। पिछले दिनों विभाग ने सहकारी संस्थाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुडऩे को कहा है। जो ग्राम सेवा सहकारी समितियां व क्रय-विक्रय सहकारी समितियां अभी पीडीएस सिस्टम से नहीं जुड़ी हैं, वे भी संबंधित जिला कलक्टर के यहां आवेदन कर बंद स्कूल भवनों में सहकारी संस्थाओं की राशन की दुकानें तथा सुपर मार्केट संचालित कर सकेगी। विभाग के सहायक निदेशक (जनसंपर्क) ओटाराम चौधरी ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि ज्यादातर मर्ज स्कूल भवन गांव के आस-पास ही मुख्य जगहों पर बने हुए हैं। भवन पर्याप्त होने के साथ सभी आधारभूत सुविधाएं हैं। इनमें सुपर मार्केट, राशन की दुकानें या बैंक खुलेंगे तो लोगों की पहुंच आसान होगी। साथ ही, लम्बा चौड़ा परिसर मिल जाएगा। इसमें भविष्य के हिसाब से प्लानिंग की जा सकेगी। मर्ज स्कूलों के भवनों और सहकारी संस्थाओं को पीडीएस से जोडऩे के संबंध में जो निर्देश मिले हैं, उसके अनुसार कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है। सहकारी संस्थाओं को इस संबंध में आवेदन करने को कहा है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप-hindusthansamachar.in