बैंक घोटाले में सीबीआई की अजमेर में भी जांच
बैंक घोटाले में सीबीआई की अजमेर में भी जांच
राजस्थान

बैंक घोटाले में सीबीआई की अजमेर में भी जांच

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अजमेर, 22 सितम्बर(हि.सं)। डेयरी प्लांट लगा कर कई बैंकों से 14 सौ करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी करने वाली मैसर्स क्वालिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अजमेर का प्लांट अजमेर डेयरी के रिटायर एमडी भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने लगाया था। 21 सितम्बर को देशव्यापी छापेमारी में सीबीआई ने अजमेर के ब्यावर रोड स्थित बकरा मंडी में बंद पड़े चौधरी के डेयरी प्लांट पर भी जांच पड़ताल की। प्राप्त जानकारी के अनुसार अजमेर डेयरी के एमडी पद की नौकरी छोड़कर भूपेन्द्र चौधरी ने बकरा मंडी में 15 वर्ष पहले डेयरी का प्लांट लगाया था। लेकिन बाद में इस प्लांट को मैसर्स क्वालिटी प्राइवेट लिमिटेड के सुपुर्द कर दिया था। कंपनी से हुए समझौते के अनुसार चौधरी इसी प्लांट में मैनेजर बन गए। सूत्रों के अनुसार पुराने प्लांट पर ही कंपनी ने मिली भगत कर करोड़ों रुपये का लोन बैंकों से लिया। कोई 14 सौ करोड़ रुपये का लोन चुकाने में कंपनी असमर्थ बताई जा रही है। इस मामले में कंपनी से जुड़े संजय ढिंगरा, सिद्धांत गुप्ता, अरुण श्रीवास्तव आदि को सीबीआई ने जांच के दायरे में लिया है। 21 सितम्बर को सीबीआई ने अजमेर के साथ साथ कंपनी के दिल्ली फरीदाबाद, सहारनपुर बुलंदशहर आदि कार्यालयों और प्लांटों पर भी आकस्मिक जांच की। सूत्रों के अनुसार कंपनी ने अजमेर जिले के दुग्ध उत्पादकों से भी दूध खरीदा था। आज भी सैकड़ों उत्पादकों के पैसे बकाया बताए जा रहे हैं। अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने कहा कि भूपेन्द्र चोधरी के डेयरी प्लांट से अजमेर डेयरी का कोई सरोकार नहीं है। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/संदीप-hindusthansamachar.in