प्रबोधकों को परिलाभ नहीं देने पर मांगा जवाब
प्रबोधकों को परिलाभ नहीं देने पर मांगा जवाब
राजस्थान

प्रबोधकों को परिलाभ नहीं देने पर मांगा जवाब

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जयपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रबोधक भर्ती-2008 में नियुक्त प्रबोधकों को पुरानी सेवा जोडकर परिलाभ नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और प्रारंभिक शिक्षा सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह न यह आदेश धर्मचंद मीनाा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता अक्टूबर 2008 में प्रबोधक नियुक्त होने से पहले शिक्षा सहयोगी के रूप में राजकीय सेवा में थे। विभाग ने 12 मार्च 2001 को शिक्षा सहयोगियों को सभी परिलाभ देने के आदेश जारी किए थे। वहीं राज्य सरकार ने एक अक्टूबर 2010 को प्रबोधक सेवा नियमों में संशोधन कर पुरानी सेवा को वार्षिक वेतन वृद्धि के योग्य माना था, लेकिन अब याचिकाकर्ताओं को पेंशन के लिए पुरानी सेवा को जोडकर परिलाभ नहीं दिए जा रहे हैं। इसके अलावा समान भर्ती में लगे अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं को 11 हजार 170 रुपए का वेतन दिया जा रहा है, जबकि समान भर्ती में बाद में नियुक्त हुए अभ्यर्थियों को 12 हजार 900 रुपए का वेतन दिया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर-hindusthansamachar.in