प्रदेश में बेखौफ खनन माफिया पुलिस पर कर रहे हैं हमले- उपनेता प्रतिपक्ष
प्रदेश में बेखौफ खनन माफिया पुलिस पर कर रहे हैं हमले- उपनेता प्रतिपक्ष
राजस्थान

प्रदेश में बेखौफ खनन माफिया पुलिस पर कर रहे हैं हमले- उपनेता प्रतिपक्ष

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जयपुर, 22 सितम्बर (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि माह सितम्बर में प्रदेश में बेखौफ खनन माफिया ने पुलिस पर एक के बाद एक 8 बार जानलेवा हमले किए हैं। उन्होंने व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान में खनन माफियाओं का सिंडीकेट अब इतना प्रभावी व बेखौफ हो गया है कि पुलिस भी उनके सामने लाचार और भयभीत है। खनन माफिया के इशारे पर नहीं नाचने वाले पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पर सरेआम हमले होना अब आम बात हो गई है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि खनन बजरी माफियाओं पर अंकुश लगाने में असफल रही सरकार के कार्यकाल में जहां एक और बनास नदी से लेकर हरियाणा व पाक-बॉर्डर तक सरेआम अवैध खनन हो रहा है। वहीं राज्य सरकार द्वारा हाल ही में आम उपभोक्ता के भवन निर्माण में काम आने वाली बजरी, सैंडस्टोन, मार्बल, मेसेनरी स्टोन सहित विभिन्न खनिजों पर 20 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत रॉयल्टी दरों को बढ़ाने की सैद्धांतिक सहमति देकर आम व्यक्ति के मकान बनाने के सपने को दूरदर्शित करने का कार्य किया है। राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश से निकलने वाले खनिजों की रॉयल्टी दरों मे भारी वृद्धि के लिए राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली 2017 के शिड्यूल द्वितीय में रॉयल्टी दरों के पार्ट-ए में शामिल 14 प्रकार के खनिज की रॉयल्टी दरों में बढ़ोतरी कर इसे लागू कर रही है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि उच्च पदस्थ अधिकारियों के खुले संरक्षण के कारण राजधानी जयपुर में प्रतिदिन टोंक व सवाई माधोपुर से 800 ट्रकों से 1200 तक अवैध बजरी व चेजा पत्थर के ओवरलोड ट्रक-ट्रोले दर्जनों पुलिस स्टेशन के सामने से प्रतिदिन सरेआम गुजरकर जयपुर महानगर में लगातार 22 महीने से आ रहे हैं जो सरकार व खनन माफियाओं के बेजोड़ गठबंधन का उजागर करते हैं। राज्य सरकार द्वारा घोषित एमसैण्ड पॉलिसी व वैध बजरी खनन हेतु कोई नीतिगत निर्णय 22 माह तक नहीं लेने से सरकार की नीति और नियत पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में जब से कांग्रेस सत्ता में आई है आपराधिक कृत्यों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है विशेष रूप से महिलाओं व नाबालिग बच्चियों के हो रही बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाएं रिकॉर्ड तोड़ रही है जो राज्य सरकार की लचर कानून व्यवस्था को प्रदर्शित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य क्राइम ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के विभिन्न थानों में इस वर्ष 31 जुलाई तक कुल 1 लाख 7 हजार 32 गंभीर अपराध के मुकदमे दर्ज हुये जिसमें से मात्र 40 हजार मुकदमों में ही चालान हुआ, शेष 60 हजार अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर है। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संंदीप-hindusthansamachar.in