प्रदेश प्रशासन के प्रधान की बहन को पंचायतसमिति प्रधान बनाने में जुटी सरकार
प्रदेश प्रशासन के प्रधान की बहन को पंचायतसमिति प्रधान बनाने में जुटी सरकार
राजस्थान

प्रदेश प्रशासन के प्रधान की बहन को पंचायतसमिति प्रधान बनाने में जुटी सरकार

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अजमेर, 21 नवम्बर(हि.स.)।अजमेर जिले में पंचायती राज के चुनाव का पहला चरण 23 नवम्बर को होगा, जबकि अंतिम चरण में 5 दिसम्बर को मतदान होगा। जिले में जिला परिषद के 32 वार्डों तथा 11 पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही चुनाव की तैयारियां की है। कांग्रेस में जहां प्रदेश प्रशासन के प्रधान निरंजन आर्य की बहन को पंचायत समिति प्रधान बनाए जाने के लिए सरकारी नुमाइंदों ने ताकत लगा दी है वहीं जिला प्रमुख बनने के लिए भाजपा में लंबी लाइन नजर आ रही है। भाजपा के कई दिग्गज नेता वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस में प्रधान पद पर नजर: जिला प्रमुख बनने के लिए कांग्रेस का कोई नेता वार्ड सदस्य का चुनाव नहीं लड़ रहा है। लेकिन पंचायत समिति का प्रधान बनने के लिए कांग्रेस के कई नेता भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम प्रदेश के मुख्य सचिव निरंजन आर्य की बहन निर्मला डांगी का है। श्रीमती डांगी पीसांगन पंचायत समिति के वार्ड संख्या 14 से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं। डांगी की नजर इस पंचायत समिति के प्रधान पद पर लगी हुई है। चूंकि निरंजन आर्य का परिवार हमेशा से ही कांग्रेस से जुड़ा हुआ है, इसलिए कांग्रेस के कई बड़े नेता निर्मला डांगी को चुनाव जीतवाने में लगे हुए हैं, यहां यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार ने निरंजन आर्य की पत्नी श्रीमती संगीता आर्य को राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य नियुक्त किया है। आर्य भी पूर्व में पाली जिले के सोजत विभानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुकी हैं। अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति का प्रधान बनने के लिए पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती नसीम अख्तर भी वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति के अधिकांश वार्ड पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। श्रीमती अख्तर पुष्कर की विधायक रह चुकी हैं। इसी पंचायत समिति से अख्तर की पुत्र वधु भी वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। रघु शर्मा ने ताकत लगाई: प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र केकड़ी की तीनों पंचायत समितियों में कांग्रेस का प्रधान बनवाने के लिए पूरी ताकत लगा रखी हैं। डॉ रघु शर्मा पिछले तीन चार दिनों से यहां कैम्प किए बैठे हैं। केकड़ी में केकड़ी पंचायत समिति के साथ साथ सरवाड़ और सावर पंचायत समिति भी आती हैं। 20 नवम्बर को रघु ने सावर पंचायत समिति के गांव का दौरा किया, जबकि इससे पहले रघु शर्मा केकड़ी और सरवाड़ पंचायत समिति के गांव का दौरा कर चुके हैं। केकड़ी की इन तीनों पंचायत समितियों में 23 नवम्बर को ही मतदान होगा। रघु ने फिलहाल अपने दौरों को केकड़ी विधानसभा क्षेत्र तक ही सीमित रखा है। भाजपा में बगावत की भी संभावना..... पूर्व जिला प्रमुख श्रीमती सुशील कंवर पलाड़ा और पुखराज पहाडिय़ा तो सशक्त दावेदार हैं ही साथ ही भाजपा के ओबीसी मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश भडाना भी पीछे नहीं हैं। चुनाव के ऐन मौके पर कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए श्रवण सिंह रावत भी मजबूत दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं। श्रवण सिंह के लिए पुष्कर के भाजपा विधायक सुरेश रावत जोर लगाएंगे, दोनों में रिश्तेदारी है। मौका मिलने पर दिलीप पचार और महेन्द्र सिंह मझेवला भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा भी भाजपा में कई दावेदार हैं जो दो की लड़ाई में फायदा उठाने की फिराक में हैं। चूंकि सभी भाजपा नेता जिला प्रमुख का बनने का ख्वाब देख रहे हैं, भाजपा में बगावत की संभावना ज्यादा है। भाजपा के प्रचार प्रकोष्ठ के प्रभारी मोहित जैन ने बताया कि जिला परिषद के प्रत्येक वार्ड में वरिष्ठ नेता को प्रभारी नियुक्त किया गया है। पिछले 20 वर्षों की तरह इस बार भी जिला प्रमुख भाजपा का ही बनेगा। अधिकांश पंचायत समितियों में भी भाजपा के प्रधान निर्वाचित होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/ ईश्वर-hindusthansamachar.in