पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनने पर अलवर में हुआ स्वागत
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनने पर अलवर में हुआ स्वागत
राजस्थान

पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनने पर अलवर में हुआ स्वागत

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अलवर, 12 सितम्बर (हि.स.)। कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री और अलवर के पूर्व सांसद जितेंद्र सिंह को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में महासचिव और असम राज्य के प्रभारी महासचिव का अहम पद सौपा गया है। शनिवार को पूर्व मंत्री का जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से फूलबाग में स्वागत किया गया। पूर्व मंत्री को अहम पद मिलने से अलवर जिले का केंद्र की राजनीति में मान बढ़ा है। अलवर जिले से जितेंद्र सिंह संभवत है राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में महासचिव पद तक पहुंचने वाले पहले नेता है। कांग्रेस की ओर से घोषित राष्ट्रीय कार्यकारणी में 9 महासचिव मनोनीत किए गए हैं लेकिन राजस्थान से अकेले जितेंद्र सिंह को महासचिव बनाया गया है। जितेंद्र सिंह के कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने से कांग्रेस ही नहीं बल्कि केंद्र की राजनीति में अलवर का कद बढ़ गया है। श्रम मंत्री जुली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जितेंद्र सिंह के निवास स्थान फूलबाग पर उनका फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। श्रम मंत्री ने बताया कि कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महासचिव जैसा महत्वपूर्ण दायित्व सौंपकर अलवर जिले का मान बढ़ाया है। सिंह का ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर सन 1998 से जितेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर वर्ष शुरू हुआ। वह अलवर शहर से पहली बार कांग्रेस से विधायक चुने गए। वर्ष 2003 में अलवर शहर से ही दूसरी बार कांग्रेस से विधायक चुने बने। सिंह को पहली बार 2007 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का सचिव बनाया गया। वर्ष 2009 में पहली बार अलवर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे। 2011 में यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार में गृह राज्य मंत्री बनाया गया। केंद्र सरकार में मंत्री का ओहदा मिलने से अलवर जिले का नाम तेजी से केंद्र की राजनीति में उभरा। 2012 में मंत्रिमंडल के पुनर्गठन में सिंह का मंत्रिपरिषद में ओहदा बढ़ाकर उन्हें युवा एवं खेल मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपने के साथ ही देश के रक्षा राज्यमंत्री जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया। सिंह के राष्ट्रीय राजनीति में कदम से अलवर जिले की गूंज दिल्ली तक सुनाई पड़ने लगी। हिन्दुस्थान समाचार/ मनीष बावलिया/ ईश्वर-hindusthansamachar.in