पायलट के जन्मदिन पर पूर्व पर्यटन मंत्री बीना काक ने सूफी कविताओं से कसे तंज
पायलट के जन्मदिन पर पूर्व पर्यटन मंत्री बीना काक ने सूफी कविताओं से कसे तंज
राजस्थान

पायलट के जन्मदिन पर पूर्व पर्यटन मंत्री बीना काक ने सूफी कविताओं से कसे तंज

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जयपुर, 07 सितम्बर (हि.स.)। अपने बगावती तेवर से राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को सांसत में डालकर अपनी ही शर्तों पर कांग्रेस की मुख्यधारा में लौटे पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को अपना 43वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर प्रदेशभर में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। पायलट के जन्मदिन से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट की मानी जाने वाली पूर्व पर्यटन मंत्री बीना काक ने सोशल मीडिया पर पंजाबी सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह की लघु कविताएं डालकर इशारों-इशारों में पायलट पर निशाना साधा है। यह वीडियो काक ने ट्वीटर अकाउंट से एक दिन पहले यानी 6 सितम्बर को दोपहर बाद पोस्ट किए हैं। पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र से बीना काक विधायक थी और पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में पर्यटन मंत्री रही है। उन्हें गहलोत का करीबी माना जाता है। इस बार उन्हें सुमेरपुर से टिकट नहीं दिया गया था। विधानसभा चुनावों के बाद वे फिल्म अभिनेता सलमान खान से नजदीकियों को लेकर चर्चा में रही है। लेकिन, राजस्थान की सियासत में उनकी चर्चा तब हुई, जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच रिश्तों पर बर्फ जम रही थी। काक ने 18 जुलाई को सोशल मीडिया पर लगभग ढाई मिनट का एक वीडियो शेयर कर अशोक गहलोत का नाम लिए बगैर उनकी तारीफों के पुल बांधे थे। काक ने इस वीडियो में कहा था कि जादूगर तुम अनोखे हो-निराले हो..। काक ने 6 सितम्बर को पंजाबी सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह की जिन लघु कविताओं को शेयर किया हैं, सीधे तौर पर वे पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की राजनीति को इंगित करती है। राती जागै करें इबादत शीर्षक वाली कविता में यह कहा जा रहा है कि ओ प्रहरी, बाहर कुत्तों के भौंकने की आवाज सुन रहा है न। आज मेरी इनसे होड़ लगी है। ये सारी रात अपने मालिक की चाकरी में जागते हैं, तो क्या मैं अपने मुर्शिद (गुरु) की इबादत में नहीं जाग सकता? एक लम्हेभर के लिए भी इनका भौंकना बंद नहीं होता, तो मेरी फरियाद कैसे ढीली पड़ सकती है। चाहे स्वामी इन्हें सौ-सौ जूतियां मारे, तब भी ये उसकी चौखट नहीं छोड़ते। तो फिर, नींद के चंद थपेड़े मुझे कैसे अपने मुर्शिद (गुरु) की याद से जुदा कर सकते हैं। ओ नादान प्रहरी, नहीं जानता, यदि मैं सो गया तो बाजी ले गए कुत्ते। ये कुत्ते बाजी मार जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in