पायलट का गहलोत को पत्र : एसबीसी को भर्तियों में नहीं मिल रहा 5 प्रतिशत आरक्षण
पायलट का गहलोत को पत्र : एसबीसी को भर्तियों में नहीं मिल रहा 5 प्रतिशत आरक्षण
राजस्थान

पायलट का गहलोत को पत्र : एसबीसी को भर्तियों में नहीं मिल रहा 5 प्रतिशत आरक्षण

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जयपुर, 12 सितम्बर (हि. स.)। पूर्व उप मुख्यमंत्री और विधायक सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर 2018 के चुनावी घोषणा पत्र की याद दिलाई। पत्र में उन्होंने सरकार को स्मरण कराया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से निकाली गई विभिन्न भर्तियों में स्पेशल बैकवर्ड क्लास(एसबीसी) समाज को 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं दे रही है, जबकि कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में इसका उल्लेख किया था। पत्र में पायलट ने बताया कि उनसे मिलने वाले विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों की ओर से दिए जा रहे प्रतिवेदनों में इसकी मांग की जा रही है। पायलट ने अपने पत्र में लिखा कि पहले की कांग्रेस सरकार के समय वर्ष 2011 में समझौता हुआ था कि 4 प्रतिशत अतिरिक्त पद (छाया पद) एसबीसी के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। फरवरी 2019 में सरकार व एसबीसी प्रतिनिधियों के साथ हुए समझौते के अनुसार 4 प्रतिशत अतिरिक्त पद स्वीकृत करने और वर्तमान में चल रही भर्तियों में पद स्वीकृति के आदेश जारी होने के बाद भी कुछ भर्तियों को छोडक़र बाकी में 5 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। पत्र में पायलट ने उन भर्तियों की लिस्ट भी दी, जिनमें 5 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा रहा। इनमें पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018, रीट भर्ती 2018, पंचायती राज एलडीसी भर्ती 2013, टेक्निकल हेल्पर भर्ती 2018, नर्सिंग भर्ती 2013 और 2018, जेल प्रहरी भर्ती 2018, आशा सुपरवाइजर भर्ती 2016, कॉमर्शियल असिस्टेंट भर्ती 2018, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 और अन्य शामिल है। पत्र में पायलट ने लिखा कि देवनारायण बोर्ड और देवनारायण योजना के अन्तर्गत आने वाले काम भी लगभग ठप पड़े हैं। जो बहुत पीड़ादायक है। समय-समय पर लोग उनसे मिलकर दोनों योजनाओं पर काम करने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरकार ने गुर्जर सहित पांच जातियों के लिए एसबीसी के तहत 5 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। मई 2010 से 15 तक एसबीसी के तहत इन पांच जातियों को 1 फीसदी आरक्षण का लाभ मिल रहा था। जिसे बाद में 4 प्रतिशत बढ़ाकर कुल पांच फीसदी कर दिया गया था। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप-hindusthansamachar.in