पशु चिकित्सा संस्थाओंं  में जीवन रक्षा के साधन उपलब्ध कराने की मांग
पशु चिकित्सा संस्थाओंं में जीवन रक्षा के साधन उपलब्ध कराने की मांग
राजस्थान

पशु चिकित्सा संस्थाओंं में जीवन रक्षा के साधन उपलब्ध कराने की मांग

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जयपुर, 22 सितम्बर (हि.स.)। प्रदेश में पशुपालन विभाग के अधीन संचालित पशु चिकित्सा संस्थाओ में कार्यरत पशु चिकित्सा कर्मियों का जीवन विभाग की कथित लापरवाही के कारण संकट में आ गया है। पशु चिकित्सा संस्थाओ में कोरोना से बचाव के संसाधन उपलब्ध नहीं है, जिससे पशु चिकित्सा कर्मी मौत के मुहाने पर खडे हैं। संघ के प्रमुख महामंत्री अर्जुन शर्मा ने मंगलवार को बताया कि पशुपालन विभाग के अधीन संचालित 8000 पशु चिकित्सा संस्थाओं (बहु उदेश्यीय पशु चिकित्सालय, प्रथम श्रेणी चिकित्सालय, पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय एवं पशु चिकित्सा उपकेन्द्र ) में कोरोना से बचाव के संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं करवाये जा रहे है, जिससे पशु चिकिेत्सा कर्मी एवं संस्धाओं में आने वाले पशु पालकों के लिये संक्रमण का खतरा बढता जा रहा है। वर्तमान में कोरोना माहमारी के विस्फोटक स्वरूप के कारण कर्मचारियो में जीवन के प्रति आशंकाएं उत्पन्न हो रही है, परन्तु विभागाध्यक्ष कर्मचारियों के जीवन के प्रति गम्भीर नही है। संघ द्वारा बार-बार निवेदन करने के उपरान्त भी विभाग कोई संज्ञान नही ले रहा है। शर्मा ने बताया कि बहु उदेश्यीय पशु चिकित्सालय जयपुर में उप निदेशक सहित पशु चिकित्सा अधिकारी के कोराना संक्रमित होने के उपरान्त भी संस्था में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियो को फेस मास्क , हैण्ड सेनेटाईजर, ग्लोव्ज आदि सामग्री उपलब्घ नही करवायी जा रही है। सम्पूर्ण प्रदेश में बगैर संसाधनों (बायोसेफ्टी)के पशु पालक के घर - घर जाकर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु उपचार एवं टैगिंग आदि कार्य जबरदस्ती करवाये जा रहे है। संघ ने यह निर्णय लिया है कि यदि कर्मचरियों की जीवन रक्षा के समुचित प्रबन्ध नहीं किये गये तो आगामी दिवसों में समस्त कार्यों का बहिष्कार किया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/ ईश्वर-hindusthansamachar.in